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प्यार का दर्द

 Part-1 दोस्तों ये कहानी है ज्योति और दीपक की जिन्हें प्यार हुआ इकरार हुआ और दर्द भी हुआ। कहानी शुरू करने से पहले डिस्क्लेमर देना चाहूंगी कि इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है पर कहानी सत्य घटनाओं पर आधारित है। ज्योति एक सुंदर छरहरी काया की मालकिन थी। ब्यूटी विथ ब्रेन का सटीक उदाहरण। खूबसूरत एकलौती और पेशे से डॉक्टर एकदम डेडली कॉम्बिनेशन था। उसके माता पिता छोटे गॉव से थे पर पिता की सरकारी नौकरी थी। पिता ने बहुत लाडो से बेटी को अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ाया। माँ ने भी बेटी को बेटे जैसा पाला हमेशा उसे ये सिखाया अब ज़माना बदल गया है पहले जैसा नही रहा हम तो पढ़े लिखे नहीं थे तो कच्ची उम्र में तुम्हारे पिता से ब्याह दिए गए, पर तुम तो पढ़ रही हो खूब अंग्रेजी भी बोल लेती हो। हम तो तुम्हारी शादी जल्दी नहीं करेंगे तुम खूब पढ़ना और नौकरी करना। तो बस इसी तरह आज़ाद ख़यालो में पलीबढ़ी थी ज्योति। उसने जितना उड़ना चाहा माँबाप ने उतना उड़ने दिया कभी उस पे कोई बंदिशे नही लगाई जिसका नतीजा ये निकला कि वो निहायती ही आत्मविश्वास से भरी हुई रहती , हाज़िर जवाब और हमेशा औरतों को सपोर्ट करती थी। जब डॉक्टर बनने क...

अम्बरधरा

  धरा !! धरा!!  उठो मेरे बच्ची स्कूल नहीं जाना है क्या! स्कूल शब्द सुनते ही धरा तपाक से उठ गई। आज तो स्कूल में बास्केटबॉल मैच है। अम्बर भी पार्टिसिपेट कर रहा है तो वो स्कूल कैसे मिस कर सकती थी।  जल्दी से उठ कर वो तैयार हो कर वो पूजा घर मे गई। "हे भगवान! आज मेरे अम्बर को ज़रूर जिताना। आज मै सारा दिन उपवास करूंगी और जब वो जीत जाएगा तभी शाम में मैं अपना उपवास तोड़ूंगी! " ऐसा बोल कर धरा ने एक घी का दीपक भगवान के सामने जलाया। अरे! धरा बेटा ऐसा क्या मांग रही है भगवान से जल्दी नाश्ता कर ले बस आती होगी!, माँ ने आवाज़ दी। माँ आज बहुत लेट हो गयी हूँ। मैं बस निकल रही हूं।तुम टिफ़िन में ही रख दो रास्ते मे कहा लुंगी।, धरा ने बहाना बनाया। थोड़ा तो खा ले बेटा! कह रहे हैं ना बस में कहा लेंगे। चलो लेट हो रहे हैं बाय! ******** स्कूल पहुँच कर क्लास में जाते ही उसे अम्बर दिखा। हाय अम्बर! आज मैच है ना! ऑल द बेस्ट! थैंक्स! कहते हुए अम्बर तेज़ी से क्लास से बाहर निकल गया। अम्बर पर क्लास की हर लड़की फिदा थी। हो भी क्यों नहीं वो था ही सर्वगुण सम्पन्न। 6 फ़ीट हाइट, एथेलेटिक बॉडी, भूरी आंखे, गोरा रंग, पढ़ाई ...