अम्बरधरा
धरा !! धरा!! उठो मेरे बच्ची स्कूल नहीं जाना है क्या!
स्कूल शब्द सुनते ही धरा तपाक से उठ गई। आज तो स्कूल में बास्केटबॉल मैच है। अम्बर भी पार्टिसिपेट कर रहा है तो वो स्कूल कैसे मिस कर सकती थी।
जल्दी से उठ कर वो तैयार हो कर वो पूजा घर मे गई।
"हे भगवान! आज मेरे अम्बर को ज़रूर जिताना। आज मै सारा दिन उपवास करूंगी और जब वो जीत जाएगा तभी शाम में मैं अपना उपवास तोड़ूंगी! "
ऐसा बोल कर धरा ने एक घी का दीपक भगवान के सामने जलाया।
अरे! धरा बेटा ऐसा क्या मांग रही है भगवान से जल्दी नाश्ता कर ले बस आती होगी!, माँ ने आवाज़ दी।
माँ आज बहुत लेट हो गयी हूँ। मैं बस निकल रही हूं।तुम टिफ़िन में ही रख दो रास्ते मे कहा लुंगी।, धरा ने बहाना बनाया।
थोड़ा तो खा ले बेटा!
कह रहे हैं ना बस में कहा लेंगे। चलो लेट हो रहे हैं बाय!
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स्कूल पहुँच कर क्लास में जाते ही उसे अम्बर दिखा।
हाय अम्बर! आज मैच है ना! ऑल द बेस्ट!
थैंक्स! कहते हुए अम्बर तेज़ी से क्लास से बाहर निकल गया।
अम्बर पर क्लास की हर लड़की फिदा थी। हो भी क्यों नहीं वो था ही सर्वगुण सम्पन्न। 6 फ़ीट हाइट, एथेलेटिक बॉडी, भूरी आंखे, गोरा रंग, पढ़ाई में टॉपर, स्पोर्ट्स में अच्छा, गाता और नाचता भी बहुत अच्छा था। कम्पलीट पैकज। वो जिस लड़की से बात कर ले बाकी की लड़कियां उससे चिढ़ जाती थी। कई लड़कियां उसके आगे पीछे घूमती थी। धरा भी उसे पसंद करती थी पर उसके आगे पीछे नहीं घूमती थी। बस दिल ही दिल उसको चाहती उसके लिए व्रत रखती मन्नतें मांगती।
दिखने में धरा कुछ खास नहीं थी। 5 फ़ीट 4 इंच हाइट, रंग सांवला, बाल बड़े बड़े थे इसीलिए गूथ कर चोटी बांधती थी। आंखों पर चश्मा लगता था औऱ फैशन का फ़ भी उसे नही आता था। स्कूल की बाक़ी लड़किया जहाँ घुटनों तक स्कर्ट पहनकर मोजो को नीचे सरका कर घूमती थीं। वहीं वो लंबा से स्कर्ट और ऊपर तक मोजे पहना करती थी।
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पहले दो पीरियड के बाद मैच था। 10वी और 12वी के बच्चों को छोड़ कर कक्षा 8वी से 11 तक के बच्चों को मेच देखने के लिए ग्राउंड बुलाया था। धरा और अम्बर दोनो 11वी में पढ़ते थे। तो धरा भी देखने आई।आज के मैच से इंटर स्कूल कम्पटीशन के खिलाड़ी तय किये जाने थे।
सभी बच्चे ग्राउंड में एकत्रित हुए।
यार मुझे तो बहुत भूक लग रही है सैंडविच खाएगी?? नैना ने धरा से पूछा।
नहीं यार तू ही खा।
डोंट टेल मी तूने आज फिर उस हीरो के लिए व्रत रखा है!
धरा मुस्कुरा दी।
यार मुझे तुम लड़कियों का प्रॉब्लम समझ नही आता। ऐसा है ही क्या उसमें जो तुम लोग उसपे मरते हो।, नैना ने फ्रस्ट्रेट होकर कहा।
यार क्या नही है ये पूछ। कितना स्मार्ट है। नाचता अच्छा है गाता अच्छा है। स्पोर्ट्स पढ़ाई सब मे अच्छा है और घमंड तो नाम को भी नहीं करता।
किसने कहा घमंडी नहीं है। एक नंबर का घमंडी है। तूने कभी उससे ऑल द बेस्ट और कांग्रेट्स के अलावा बात भी की है।
मैंने नही की तो क्या देखती तो हूं कैसे बात करता है सबसे।
अरे सब दिखावा है। एक दम घटिया इंसान है वो!
तभी मैच शुरू होने का अन्नोंसमेन्ट होता है।
अच्छा चुप कर मैच देखने दे तू अपना सैंडविच खा।, धरा ने कहा।
हां मैं तो खा ही रही हूं मुझे अनजान लड़को के लिए भूखे मरने का शौक नही है।
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टीम ए का कप्तान अम्बर था और टीम बी का कप्तान सौरभ। अम्बर की टीम शानदार खेल रही थी और पहले ही कुछ मिनटों में उन्होंने 2 बास्केट कर दी थी। सौरभ को बहुत गुस्सा आ रहा था उसने अपने टीम मेंबर्स को कुछ इशारा किया। उनकी टीम वाले काफी अग्रेसिव खेल रहे थे अगले कुछ मिनटों में उनकी टीम ने 3 बास्केट कर दी। 5 मिनट का ब्रेक हुआ। उसके बाद वापस मैच स्टार्ट हुआ। सौरभ की टीम ने 2 बास्केट और कर दी। इसी के साथ स्कोर हुआ टीम ए 2 टीम बी 5।
धरा घबरा गई। और मन ही मन हाथ जोड़ भगवान से प्राथना करने लगी, " भगवान प्लीज अम्बर को जीता दो। मैं हनुमान गंज वाले मंदिर की 150 सीढियां नंगे पैर चढ़ कर आऊंगी आपके पास। प्लीज भगवान।
10 मिनिट बचे थे अगली 2 बास्केट अम्बर की टीम से हुई। स्कोर टीम ए 4 टीम बी 5। उसके बाद अगली बास्केट सौरभ की टीम से हुई। स्कोर टीम ए 4 टीम बी 6।
अम्बर पसीने से भीग चुका था। धरा को पसीने से भीगा हुआ अम्बर और भी क्यूट लग रहा था । पर अभी उसे देखने का समय नहीं था भगवान से प्राथना जारी थी। अगली 2 बास्केट टीम ए ने की। स्कोर टीम ए 6 टीम बी 6। आखिरी 3 मिनट बचे थे। सौरभ और अम्बर दोनों की टीम पूरी कोशिश करते हुए। सौरभ की टीम को अम्बर की टीम रोक रही थी एयर अम्बर की टीम को सौरभ की टीम। और मैच का समय समाप्त हुआ। दोनों ही टीम का स्कोर रहा 6-6।
टॉय ब्रेक करने के लिए वापस 5 मिनट के लिए मैच खेला गया। इस बार दोनो ही टीम पहले से भी ज़्यादा सतर्क। 4.5 मिनट बीत चुके थे और दोनों ही टीम बास्केट नही कर पाई थी। अम्बर ने कुछ इशारा किया जफर ने बॉल कार्तिक को दी कार्तिक ने अम्बर को और अम्बर ने भागते हुए ऊंची छलांग लगाई और बॉल सीधा बास्केट में।
टीम ए यानी कि अम्बर की टीम जीत गयी थी। ग्राउंड तालियों से गूंज उठा था। धरा ख़ुशी से उछल पड़ी थी। अम्बर को टीम वालो ने गोद मे उठा लिया था। अम्बर का इंटर स्कूल प्रतियोगिता में नाम पक्का हो चुका था।
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लंच ब्रेक में अम्बर टीम को और पूरी क्लास को समोसा पार्टी देता है।
नैना ने धरा से कहा अब तो खा ले अब तो वो मैच जीत गया।
नही हम शाम में ही खाएंगे।
ओहो देवी जी तेरे चरण कहाँ है वो वहां समोसा गटक रहा है और तू शाम में खाएंगी। इतने उपवास तो उसकी माँ भी नहीं रखती होगी उसके लिए जितने तू रखती है।
तभी अम्बर उसके पास समोसा लेकर आता है।
धरा की दिल की धड़कने तेज़ हो जाती है। कांपते हुए होठों से वो उसे बधाई देती है। थैंक्स कहते हुए अम्बर उसकी ओर समोसा बढ़ता है। नो थैंक्स आज मेरा फ़ास्ट है, धरा कहती है। "यार जिस दिन भी मैं पार्टी देता हूं तुम्हारा उपवास रहता है। कितने फ़ास्ट रखती हो तुम!
उसकी ये बात धरा को किसी मीठी फटकार से कम न लगी। वो बस बेवकूफो की तरह मुस्कुराने लगी। अम्बर चला गया। पर वो सारे दिन बस उसकी वही छोटी सी बात सोचती रही।
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अगले दिन रविवार था। धरा नैना के घर जाने का बोल कर घर से निकलती है। नैना और धरा के पिता एक ही कंपनी में कार्यरत थे। इसलिये दोनो ही परिवारों को उनकी दोस्ती से कोई परेशानी नहीं थी। धरा नैना के घर पहुँचती है और उसको बोलती है सुन कुछ बहाना कर मुझे हनुमान गंज वाले मंदिर जाना है।
नैना उसे घूरती है औऱ कहती है फिर वही मन्नत का चक्कर है ना!!
धरा मुस्कुरा देती है।
दोनो थोड़ी देर पढ़ाई करते है ताकि दोनों के घरवाले ग्रुप स्टडीज की बात को सच माने। कुछ घंटे पढ़ने के बाद नैना अपनी मम्मी से कहती है असाइनमेंट के लिए कुछ सामान लाना है वही से धरा घर चली जायेगी और मैं वापस आ जाऊंगी।
दोनो घर से साईकल पर निकलते है।" सुन जा तो रही है पर पिछली बार की तरह इस बार कोई पैर दर्द का बहाना नही चाहिए मुझे मैं तुझे घर छोड़ने नही जाने वाली। वैसे भी तेरी वजह से लास्ट टाइम बहुत डांट पड़ी थी मुझे की इतना लेट क्यों आयी? वो तो उस टाइम मैंने बहाना बनाया तू साईकल से गिर गयी थी तो छोड़ने जाना पड़ा। अब हर बार थोड़े ना बहाना बनाउंगी।", नैना ने कहा।
"हाँ ठीक है इस बार मैं अकेले ही जाऊंगी वैसे भी मन्नत मेरी तो पूरा करके घर भी मैं अकेले ही जाऊंगी।", धरा बोली।
मुझे समझ नही आता तू ये फालतू की मन्नत मांगती ही क्यों है उस अंजान लड़के के लिए। कौन है वो तेरा ना बॉयफ्रेंड ना फ्रेंड। और चलो मांगती भी है तो कोई आसान सा मंदिर नही मिलता तुझे। 150 सीढ़ी चढ़ कर जाना जरूरी है। मंदिर तो मंदिर है भगवान तो भगवान किसी भी मंदिर चली जा।
भगवान तो वही है पर तपस्या तो 150 सीढी चढ़ने में ही है।
जा भई तू ही जा पर उससे पहले बाजार से असाइनमेंट का सामान ले ले नही तो घर पर मम्मी को क्या दिखाएंगे।
दोनो बाजार से चार्ट पेपर, ग्लिटर पेन, ग्लू आदि खरीदते है।
उसके बाद दोनों मंदिर पहुचते हैं। "चल तू भी चल क्या करेगी अकेली बैठी बैठी??", धरा ने नैना से कहा।
मैं तेरी तरह प्रेम पुजारिन नही हूँ। मेरी भगवान नार्मल मंदिर में भी सुन लेते है। 150 सीढ़ी चढ़ कर अपने पैरों की ऐसी तैसी नहीं करानी मुझे। वैसे भी तू तो कल पैर दर्द की वजह से आएगी नही स्कूल तो कम से कम मैं जाकर सब नोट तो कर लूंगी।
पर अकेली करेगी क्या??
पानी पूरी और चाट खाऊँगी!!, नैना ने चाट के ठेले की तरफ इशारा करते हुए कहा।
अकेले अकेले मेरे लिए रुकेगी नही??
अब मैडम को अंजान लड़के के लिए मन्नत भी मांगना है, मन्नत पूरी भी करनी है और चाट भी खाना है। मम्मी तो जैसे हमारी बहुत ही कूल हैं। रात के 12 बजे भी घर जाएंगे तो कुछ कहेंगी नही बल्कि दुलार कर गरमा गर्म खाना देंगी।
अच्छा अच्छा ठीक है तू ही खा मैं मंदिर जा कर आती हूँ।
धरा नंगे पैर सीढियां चढ़ती हुई मंदिर जाती है। नैना चाट के ठेले की ओर बढ़ती है।
45 मिनट बाद धरा वापस आती है। जब तक नैना दो राउंड चाट खा चुकी होती है। पास की दुकान से अपने लोए ब्रेसलेट दुर्गा माँ के लॉकेट आदि भी खरीद चुकी होती है।
हां जी हो गए दर्शन! चले अब??, नैना बोलती है।
हां यार बहुत लेट हो रहा है चलते हैं।, धरा ने कहा।
रास्ते मे नैना ने धरा से कहा, " कब तक तू उस अम्बर से एकतरफा प्यार करती रहेगी उसके लिए मन्नते मांगती रहेंगी। एक साल और उसके बाद तू कहाँ, मैं कहाँ और वो कहाँ। उसके बाद क्या करेगी? प्यार करती है तो बोल दे।"
यार तुझे लगता है वो मुझे पसंद करेगा। कहाँ मैं और कहां वो।
अगर तुझे लगता है वो तेरा दिल नही लुक्स देख कर जज करेगा तो वो तेरे प्यार के काबिल नही। उसे पूजना छोड़ दे।
यार तू फिर शुरू हो गई। कितनी बार बोल चुकी हूं तुझसे उसे प्यार है तो ठीक नही है तो भी ठीक मुझे कोई फर्क नही पड़ता।
अबे प्यार होने ना होने का सवाल तो तब पैदा होगा ना। जब वो तुझे जानेगा। इधर फ्रेंडशिप तो दूर तुम दोनों की बात तक नहीं होती। तू बोल तो तेरी फ्रेंडशिप उसके साथ करवाने का कुछ जुगाड़ लगाऊं??
नहीं प्लीज नहीं। मैंने कहा ना मुझे वो चाहिए ही नहीं बस ऐसा ही ठीक है।
तू बावली है पूरी। चल तेरे घर का मोड़ आ गया बाय!
बाय! और सुन कल स्कूल नही आऊंगी जो पढ़ाया जाए बता देना।
ओके ! बाय!!
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अगले दिन धरा पैरो में दर्द के कारण स्कूल नहीं जाती। घर मे सारा दिन वो बस अम्बर के बारे में सोचती रहती है। कितना अच्छा दिखता है क्या खेलता है। कैसे मुझे खाने के लिए डांट रहा था। फिर नैना की बात याद आती है बस 1 साल और फिर मैं कहाँ और वो कहाँ। कुछ पता फिर उसे कभी देख भी पाऊंगी या नहीं। सही तो कह रही थी नैना काम से कम फ्रेंडशिप ही होती तो कभी कभी बात हो जाती अभी तो कोई चांस नहीं। क्या करूँ कह दु नैना को फ्रेंडशिप करवा दे पर फ्रेंडशिप भी भला कोई करवाता है वो तो अपने आप हो जाती है। ऐसे किसी से बोलूंगी तो वो समझ जाएगा कि मैं लाइक करती हूं उसे। हम्म फेसबुक वे रिक्वेस्ट भेजती हु एक ही क्लास के हैं शक भी नही करेगा। धरा कंप्यूटर ऑन करके फेसबुक खोलती है और उसकी प्रोफाइल सर्च करती है। डी पी पर पीले रंग की शर्ट ऑड गॉगल्स में उसने अपनी फोटो लगा रखी थी। बहुत ही हैंडसम लग रहा था वो। धरा ने काँपते हुए हाथों से सेंड रिक्वेस्ट के बटन को क्लिक किया। फिर वापस से कैंसक रिक्वेस्ट पर क्लिक कर दिया। फिर कुछ सोच कर सेंड रिक्वेस्ट के बटन पर क्लिक कफ दिया।
अभी 2 ही बजे है अभी रो स्कूल खत्म ही हुआ होगा...।
अभी 3 बजे हैं अब तक तो घर पहुँच गया होगा...।
उसने कंप्यूटर ऑन करके देखा रिक्वेस्ट पेंडिंग थी। खाना खा रहा होगा या सो गया होगा उसने सोचा। 4 बजे फिर फेसबुक चेक की अभी भी रिक्वेस्ट पेंडिंग थी। 5 बजे भी रिक्वेस्ट पेंडिंग थी।शाम के 7 बजे जब उसने देखा तो अम्बर ने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर चुकी थी। धरा ख़ुशी से उछल पड़ी। उसने तुरंत उसकी प्रोफाइल खोली और उसकी फोटोज़ देखने लगी। किसने कमेंट किया किसने लाइक किया। कितनी लड़किया है कितने लड़के सारी छान बीन कर डाली। धरा बहुत खुश थी आज एक तो अम्बर ने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली थी दूसरा वो ज़्यादा लड़कियों को रिप्लाई नही करता था।
अगले दिन जब धरा स्कूल गई उसे बड़ा अजीब लग रहा था अम्बर के सामने कैसे जाएगी। वो कुछ पूछ न ले। कल फेसबुक पर ऐड किया है क्या उसने भी मेरी प्रोफाइल देखी होगी इत्यादि बातें उसके दिमाग मे चल रही थी । जब वो क्लास में पहुँची अम्बर दोस्तो के साथ पहले से ही वहां बैठा था। धरा घबरा गई पर अम्बर ने उसकी तरफ देखा तक नहीं। थोड़ा अच्छा लगा उसे चलो ये कुछ नही सोच रहा थोड़ा बुरा भी लगा उसे ये कुछ क्यों नहीं सोच रहा।
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धीरे धीरे पूरा साल निकल गया। अम्बर इंटरस्कूल बास्केटबॉल प्रतियोगिता भी जीत गया। एग्जाम हो गए रिजल्ट भी आ गया। पहली रैंक अम्बर की थी दूसरी नैना की तीसरी जफर की और धरा की रैंक थी 17, अम्बर और नैना से कहीं ज़्यादा पीछे। 12वी में कदम रखते ही सभी विद्यार्थी पहले से ज़्यादा सीरियस हो गए बोर्ड जो था इस साल। अम्बर और नैना में काटें का मुकाबला शुरू हो गया। धरा को तो कोई फर्क नही पड़ रहा था वो टॉप आने की होड़ में तो थी नही दूसरा अम्बर और नैना दोनों ही उसके फेवरेट लोग थे कोई भी फर्स्ट आये उसे कोई फर्क नही पड़ता था।
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12वी कक्षा में आते ही सभी विद्यार्थी पढ़ाई को लेकर काफी सजग हो गए। नैना की 11वी में दूसरी रैंक आयी थी इस बार वो चाहती थी कि उसकी पहली रैंक आये जफर से उसे कोई डर नही था उससे आगे तो वो निकल ही जाएगी डर था तो अम्बर से पिछले साल भी फर्स्ट आया था इस साल भी बहुत पढ़ाई कर रहा था। नैना कैसे भी इस साल फर्स्ट आना चाहती थी इसीलिए उसने एक तरकीब निकली उसे पता था धरा अम्बर को पसंद करती थी अगर अम्बर को ये पता चल जाये तो उसका ध्यान अपने आप ही धरा की ओर चला जायेगा और वो पढ़ाई से दूर हो जाएगा।
नैना रोज़ स्कूल से लौटते वक्त धरा के दिमाग मे ये बात डालती देख ले उसे 1 साल और सुना है ग्रेजुएशन करने वो अमेरिका जाना चाहता है। वही कोई मिल जाएगी और तू बस उसकी फेसबुक में फ़ोटो देखती रह जायेगी। जब भी अम्बर धरा के सामने आता नैना जान बूझ कर इशारा करती ताकि अम्बर का ध्यान उन पर जाए पर वो था किसी को देखता ही नही था।
कई महीनों की फीडिंग के बाद धरा ने सोचा एक बार इज़हार कर ही दिया जाए मना ही तो करेगा कम से कम उसके बाद सुकून से पढ़ तो पाऊंगी नही तो बस उसी के बारे में सोचती रहती हूँ। पर अगर हां कर दिया तो???
कन्फ्यूज्ड धरा गयी नैना से मदद मांगने।
अरे मैं तो कबसे यही कह रही हूं बता दे इससे पहले चिड़िया चुग जाए खेत, नैना ने कहा।
पर यार उसका जवाब अगर हां रहा या ना रहा दोनो ही केसेस में मैं पढ़ नही पाऊंगी। एक काम करती हूं फाइनल्स के बाद बोलती हूँ।
पढ़ तो तू वैसे भी नही पा रही। दिन रात उसके बारे में सोचती रहती है। माना किया तो 3-4 दिन रो कर बात खत्म हो जाएगी और तू अपनी इस इमेजिनरी दुनिया से बाहर आ जायेगी।
और अगर उसने हां कर दिया तो!
हां कर दिया तो प्यार व्यार शुरू और क्या, हंसते हुए नैना ने कहा।
धरा शर्मा गयी। संभलते हुए बोली लेकिन फिर कैसे पढूंगी फिर तो मैं और उसके बारे में सोचती रहूंगी।
अरे कितने कपल्स देखे मैंने जिन्होंने प्यार में रहते हुए आई ए एस का एग्जाम तक निकाला है। फिर देख यार तू सोच ले तुझे क्या करना है। मेरी मान तो बोल दे बाकी तेरी मर्ज़ी।
पर यार मैं कहूंगी क्या उससे। कैसे और कब?? वो जब मेरे सामने आता है तो मेरे मुंह से कुछ फूटता ही नही।
तो फ़ोन पर बोल दे।
उसकी आवाज़ सुन कर ही मैं पागल हो जाती हूँ बोलूंगी कैसे। एक काम कर तू बोल दे।
क्या पागल है क्या प्यार तू करती है बोलूं मैं। नहीं नही तू खुद ही बोल। एक काम उसे फेसबुक मेंमेसेज कर दे।
पर अगर उसका पासवर्ड किसी और के पास हो या वो फेसबुक मम्मी के सामने चला रहा हो।
कोई भी फेसबुक मम्मी के सामने नही चलाता तू चलाती है क्या फिर भी अगर तुझे डाउट है तो लेटर लिख दे और पर्सनली दे देना।
हाँ ये ठीक है लेटर लिखती हूँ।
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धरा लेटर लिखने बैठती है पर उसे समझ नही आता क्या लिखे। वो मन ही मन गुनगुनाने लगती है।
जान लिखूँ, जानम लिखूं
क्या मैं लिखूं ये बता
प्यार का पहला खत लिखना भी
कितना है दुशवार, कितना है दुशवार।
बहुत सोचने के बाद वो खत लिख ही देती है।पर अब दिया कैसे जाए। डायरेक्ट देने में अजीब लगेगा। अगले दिन स्कूल में वो नैना से पूछती है क्या करूँ यार तू बता कैसे दूं। वो उसे एक तरकीब सुझाती है।
धरा अम्बर के पास जाती है और उससे उसकी इकोनॉमिक्स की कॉपी मांगती है। थोड़ी देर अपने पास रखने के बाद वो लेटर उसमे रख कर उसे वापस कर देती है। उसी समय जफर अम्बर से वो कॉपी ले लेता है।
यार सुन कल वापस कर दूंगा परसो स्कूल नही आया था ना तो नोट करना है, जफर ने कहा।
ओके पर कल ध्यान से दे देना, अम्बर ने कहा और कॉपी उसे दे दी बिना खोले ही।
उधर धरा सारा दिन बस अम्बर के बारे में सोचती रही। क्या सोच रहा होगा क्या कहेगा कल। उसकी धड़कने अब तेज़ हो रही थी।
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अगले दिन जब अम्बर स्कूल पहुँचा सारे लड़के उसे छेड़ रहे थे। जफर बोला ओहहो क्या बात है भाई कौन है वो ?? कार्तिक बोला भाई तू तो बड़ा छुपा रुस्तम निकला हमें कुछ बताया ही नही!!
सौरभ ने कहा भाई अब बता भी दे कौन है वो??
अम्बर को कुछ समझ नही आ रहा था कि ये सब क्या हो रहा है। उसने सबसे कहा कौन क्या छुपाया मैंने तुम लोग ये क्या बात कर रहे हो?
अबे साले झूठ मत बोल बता चुपचाप कौन है वो?? कार्तिक ने कहा।
अबे कौन??? किसकी बात कर रहे हो तुम लोग?? अम्बर ने कहा।
अरे वही जिसके लव लेटर तू कॉपी में छुपा कर रखे हुए है!! जफर ने कहा।
तुम लोग ये क्या बातें कर रहे हो मुझे कुछ समझ नही आ रहा, अम्बर ने कहा।
जफर बोला अच्छा तो तेरी एसिनोमिक्स की कॉपी में ये किसका लव लेटर रखा था??
मुझे सच मे नही पता दिखा??, अम्बर ने कहा।
रुको रुको ज़रा हम भी तो सुने क्या लिखते हैं लव लेटर में ज़ोर से पढ़ना जफर, सौरभ ने कहा।
जफर लव लेटर पढ़ने लगता है
अम्बर मुझे नही पता कब तुमसे प्यार हुआ? पर इतना पता है बहुत प्यार है।
ओहो सभी दोस्त एक साथ बोलते हैं अम्बर भी मुस्कुरा रहा होता है। आगे पढ़ आगे पढ़ सब कहते हैं।
तुम्हारी आंखे जैसे झील हैं जब तुम्हारी ओर देखती हूँ गुम हो जाती हूँ।
ओहहो झील हमे तो कभी नही लगा ऐसा सौरभ कहता है सब ज़ोर ज़ोर से हँसने लगते हैं। जफर आगे पढ़ता है
जब तुम सामने आते हो तो पता नही मुझे क्या हो जाता है कुछ बोल ही नही पाती। आई लव यू।
ओहहो लव यू क्या बात है कार्तिक कहता है और सब ज़ोर ज़ोर से हँसने लगते हैं। अम्बर भी मुस्कुरा रहा था।तभी उसकी नज़र क्लास के दरवाजे पे पड़ती है धरा खड़ी खड़ी सब सुन रही होती है उसकी आँखों मे आंसू थे। जब अम्बर ने उसे देखा तो वो रोते हुए ग्राउंड की ओर भाग गई। तभी अम्बर को याद आया कल उसने कॉपी धरा को दी थी तो क्या ये लेटर धरा ने लिखा था। बेचारी क्या सोच रही होगी कितना बुरा लगा होगा उसे अम्बर उसे मनाने के लिए उसके पीछे दौड़ा।
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धरा ग्राउंड में एक कोने में रो रही थी अम्बर ने उसे देखा और उससे कहा लिसेन आई एम सॉरी मुझे नही पता था कि....
सॉरी फ़ॉर वाट, सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए बिना सोचे समझे तुम से प्यार करती रही मत मारी गयी थी मेरी जो तुम जैसे घटिया इंसान से प्यार किया, गुस्से से चीखती हुई धरा बोली।
देखो तुम जैसे समझ रही हो वैसा कुछ नही है, वो लेटर...
हां गलती की लेटर लिख कर। तुम्हारे लिए ये सब मज़ाक होगा मेरे लिए इमोशन्स थे। कितना प्यार किया था तुमसे। तुम्हारे हर मैच में तुम्हारी जीत के लिए व्रत रखे इतनी मन्नतें मांगी पर नैना सही केहती थी तुम दिखावटी हो। तुम बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और हो। अच्छा हुआ आज तुम्हारी असलियत मेरे सामने आ गयी।
देखो जो हुआ उसके लिए आई एम सॉरी और अब तुम ज़्यादा ही बोल रही हो।
अच्छा लग तो नही रहा कि तुम सॉरी हो। अब तो तुम्हारे दोस्तों के बीच तुम औरभी पॉपुलर हो गए होंगे न भाई को लड़कियां लव लेटर लिखती हैं। महान बनने का बहुत शौक है ना तुम्हे!
ओ हेलो सुनो पहली बात मुझे पता नही था लेटर तुमने लिखा था और दूसरी बात मैंने किसी के सामने तुम्हारा मज़ाक नही उड़ाया वो तो जफर को खुद ब खुद मिल गया वो लेटर। और तीसरी बात मुझे घटिया मत बोलना कम से कम तुम्हारी तरह सायको तो नही हूँ। कभी बात तक तो की नही मुझसे और इनको प्यार हो गया। व्रत भी रख लिए किसने कहा था तुमसे? अपनी इमेजिनरी दुनिया मे जिये चली जा रही हो और फोकट में मुझपे चिल्ला रही हो। अपनी दोस्त नैना से मेरे नेचर के बारे में डिस्कशन भी कर लिया? जबकि न मैं नैना से ज़्यादा बात करता हूं न तुमसे और दोनों सहेलियों ने बिना जाने ही मुझे जज भी कर लिया वाह। जिस नैना की बात कर रही हो कम से कम वो पढ़ती तो है तुमसे तो वो भी नही होता। मैं तो आया था सॉरी बोलने पर अब लग रहा है फालतू आया।
इतना कह कर अम्बर वहाँ से चला जाता है। धरा बहुत देर तक वहाँ रोती रहती है नैना उसको समझा कर क्लास में ले आती है। नैना ने भी नही सोचा था अम्बर इतना घमंडी होगा और ऐसा करेगा। जब वो क्लास में गयी सारे लड़के उसकी ओर इशारा करके हँसने लगे। बीच बीच मे कुछ लड़के टौंट भी मारते रहे भाई हमारी आंखों की तरफ तो कोई देखता ही नहीं । कोई गाना गाता मुझसे मोहब्बत का इज़हार करती काश कोई लड़की मुझे प्यार करती।
बडी मुश्किल से धरा का सारा दिन गुज़रा उधर अम्बर भी गुस्से में बैठा रहा
धरा अगले दिन स्कूल नही गई। रात भर उसके सपने में क्लास के लड़के आते रहे जो उसका मज़ाक बना रहे थे। सब मुझ पर हंस रहे थे क्या मुँह लेकर जाऊंगी स्कूल सोच सोच कर धरा की आंखों से आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। उसे अपने ऊपर गुस्सा आ रहा था क्यो लेटर दिया उसने अम्बर पर भी गुस्सा आ रहा था। पहले प्यार का अंजाम ऐसा होगा उसने सोचा भी नही था।
अगले 1 हफ्ते वो स्कूल नही गयी पूछने पर उसने माँ से बहाना बना दिया कि ज़्यादातर टीचर अभी आ नहीं रहे तो फ़्री पीरियड रहते हैं। स्कूल में ज़्यादा पढ़ाई तो होती नहीं तो घर पर ही रहती हूं कम से कम कुछ पढ़ लूँगी। शनिवार के दिन शाम में नैना उसके घर आई। धरा की मम्मी ने उससे पूछा बेटा तुम स्कूल जा रही हो?? उसके कहा हां आंटी! धरा की मम्मी ने पूछा टीचर्स आ रहे हैं?? नैना समझ गई कुछ झोल है उसने कहा हां आंटी पर सारे नही आ रहे!! अच्छा कह कर धरा की मम्मी ने उसे अंदर जाने का इशारा करते हुए कहा "धरा अंदर ही है।"
नैना जब अंदर गयी धरा अपने कमरे की खिड़की से बाहर देख रही थी। नैना ने पूछा अब कैसी है?
धरा उसको देख कर उससे लिपट कर ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। कुछ देर रोने के बाद बोली क्या सोचेंगे यार सब मेरे बारे में। तूने देखा कैसे कमैंट्स कर रहे थे सब!
नैना ने उसे समझाया देख तूने कुछ गलत नही किया किसी को पसंद करना गलत नही होता। कब तू उन लोगों की वजह से कब तक स्कूल नही आएगी? इट्स बोर्ड वाली ईयर तू ऐसे अपनी पढ़ाई का लॉस नही कर सकती। प्लीज मंडे से स्कूल आ जा कोई कुछ कहेगा तो साथ मे निपटेंगे।
नही आई कैंट फेस एनीवन! धरा ने कहा।
अम्बर तो आराम स्कूल आ रहा देखना अगले साल टॉप 3 में भी आ जायेगा। ना उसका दिल टूटा ना उसका मज़ाक उड़ा तू ही परेशान होती रह उसकी वजह से। पहले उसके लिये व्रत रखें उसके बाद उसकी वजह से मज़ाक बनवाया औऱ अब पढ़ाई का लॉस। और कितना परेशान करेगी खुद को उसकी वजह से!!
तू सही कह रही है बहुत परेशान हो ली उसकी वजह से अब परेशान होने की बारी उसकी है। आऊंगी मैं मंडे स्कूल।
नैना उसको ख़ुशी से गले लगा लेती है।
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अगले दिन संडे को धरा मम्मी से कहती है मम्मी इस साल मैं बहुत पढूंगी और आप मेरा रिजल्ट देखना।
उसकी मां बहुत खुश हो जाती है और कहती क्या बात है आजकल तू पढ़ाई को लेकर इतनी सीरियस कैसे हो गयी??
बोर्ड है ना मम्मी इसीलिए पर मम्मी पढ़ाई में जुटने से पहले मुझे अपने बाल ठीक कटवाने है आधा टाइम तो इन्हें मैनेज करने में निकल जाता है, धरा ने कहा।
पर बेटा कितने सुंदर बाल हैं तेरे, मम्मी बोली।
मम्मा बाल ही तो हैं फिर बढ़ जाएंगे। बोर्ड्स के बाद वापस बढ़ा लुंगी आई प्रोमिस, धरा ने कहा।
मम्मी क्या करती आखिरकार मान गयी। धरा पार्लर गयी और अपने बाल स्टेप्स में कटवा लिए। थ्रेडिंग भी करवाई औऱ वैक्स भी। मम्मी को बोली को पार्लर वाली दीदी पीछे ही पड़ गयी थ्रेडिंग और वैक्स भी करा लें।
अब वो पहले वाली धरा नही थी बदल चुकी थी लुक्स से भी और इरादों से भी। अगले दिन जब वो स्कूल पहुँची तो सब उसे देखते ही रह गए। छोटे बालों की उसने पोनी बना रखी थी बगल से लट निकल रही थी। आंखों पर उसने हल्का सा काजल लगाया था और मोजे नीचे सरकाए हुए रही जिससे उसके वैक्स किये पैर अच्छे से दिख रहे थे। आज वो लास्ट सीट पे नही आगे वाली सीट पर बैठी ।क्लास के लड़के उसे देखते ही वह गए कुछ पल के लिए अम्बर भी। उस दिन वो इतनी अच्छी लग रही थी कि किसी ने उसका मजाक नही बनाया। कई लड़के उसके आगे पीछे घूम रहे थे जिसमे जफर भी शामिल था। धरा को अपना टारगेट मिल गया था जफर। वो उसे लाइन देता ये भी उसे बीच बीच मे लाइन देने देती।
*****
लुक्स बदल कर क्लास के लड़कों को तो शांत करवा दिया पर असली बदला अभी बाकी था अम्बर का गुरुर तोड़ना था। स्कूल से आकर उसने खाना खाया और सीधे पढ़ने बैठ गयी मम्मी को भी बड़ा आश्चर्य हुआ। वो अब सारा सारा दिन पढ़ती। पर एकाउंट्स में उसकी गाड़ी आगे नही बढ़ रही थी।
एक दिन स्कूल में उसके पास जफ़र आया। उसने कहा सुनो धरा आई एम सॉरी वो उस दिन तुम्हारा लेटर यूं ज़ोर ज़ोर से सबके सामने पढ़ा।
इट्स ओके धरा ने कहा।
तो मतलब तुमने माफ कर दिया।
नहीं माफ करने लायक काम तो नही है पर अब मैं कर भी क्या सकती हूँ जो हो गया सो हो गया।
हम्म आई नो बहुत हर्ट किया मैंने तुम्हें। गलती हो गयी पर अगर कभी तुम्हे हेल्प की ज़रूरत हो तो बताना शायद मैं तुम्हारे कुछ काम आ सकूँ।
ह्म्म्म ज़रूरत तो है।
हां बोल क्या काम है।
मुझे एकाउंट्स पढ़ायेगा??
बिल्कुल! क्यों नही।
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अगले दिन स्कूल में धरा जफ़र के साथ बैठी। जब अम्बर क्लास में आया तो जफ़र को धरा के साथ देख उसे बहुत गुस्सा आया। कुछ नही था फिर भी पता नहीं क्यो उसे जफ़र का उसके पास बैठना कुछ पसंद नहीं आया।
2 क्लास के बाद फ्री पीरियड था। अम्बर ने जफ़र से कहा चल ग्राउंड चलते हैं। जफ़र ने कहा यार तू जा मैं नही आ रहा। क्यो अम्बर के पूछा। वो धरा के एकाउंट्स में कुछ डाउट हैं उन्हें क्लियर करना है, जफ़र ने जवाब दिया। जफ़र धरा की ओर मुड़ा और मुझे कुछ समझाने लगा धरा ने जान कर अपना हाथ जफ़र के कंधे पर रख लिया। अम्बर से देखा नही गया और वो गुस्से से ग्राउंड में चला गया। वहां जा कर वो गुस्से से बास्केट बॉल खेलने लगा।
छुट्टी में वो जफ़र के पास गया और उससे बोला सुन धरा से दूर रह वो वैसी लड़की नहीं है।
कैसी लड़की नही है??, जफ़र ने पूछा।
अबे जैसी तू चाहता है। मैं जानता नही क्या तुझे तुझे लड़कियां क्यो चाहिए!!, अम्बर ने कहा।
क्या मतलब है तेरा हां जफ़र गुस्से में बोला।
कुछ नही बस तू उससे दूर रह।
क्यो तेरी क्या लगती है वो। सुन मुझे जिससे जो बात करनी होगी मैं करूँगा और वो भी कोई बच्ची नही है जो अपना भला बुरा ना सोच सके। तो हम दोनों से दूर रह। वैसे भी ऐसा कुछ है नही जो तू सोच रहा है।
अम्बर गुस्से में आगे चला जाता है।
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जफ़र से एकाउंट्स पढ़कर धरा के बेसिक्स क्लियर हो चुके थे। दिन रात मेहनत करने से अब उसमें पढ़ाई को लेकर कॉन्फिडेंस भी बहुत आ गया था। अब वो क्लास में टीचर को बहुत से जवाब देने लगी थी। खासकर कि तब जब अम्बर ने हाथ उठाया हो।
वो हर दिन अम्बर को नीचा दिखाती। कभी पढ़ाई को लेकर, कभी एकाउंट्स के सवालों को उससे पहले हल करके, कभी जफ़र के साथ ज़ोर ज़ोर से हंसती। बास्केट बॉल खेलने पर जफ़र को चिल्ला चिल्ला कर चियर्स करती।
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एक दिन स्कूल में फ्री पीरियड था । फ्री क्लास में श्वेता मैडम की ड्यूटी लगी उन्होंने कहा आप सब पढ़ पढ़ के बोर हो गए होंगे चलिए आज आपके सब्जेक्ट्स से अलग पर्यावरण के बारे में डिस्कशन करते है। आप सब देख रहे हैं पर्यावरण दूषित होता जा रहा है ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती जा रही है तो बताइए क्या करना चाहिए इसे रोकने या कम करने के लिये। कौन बताएगा। नैना ने हाथ उठाया । यस प्लीज बोलिये मैडम ने कहा।
मैडम हमको जो घरों से कचरा निकलता है उसको प्रोपेरली ट्रीट करना चाहिए क्योंकि उससे वायु प्रदूषण के साथ साथ जहां ये कचरा इकट्ठा हो रहा है वहाँ की भूमि भी दूषित हो रही है।
गुड पॉइंट और कौन बताएगा?? जफ़र ने हाथ उठाया यस प्लीज मैडम ने कहा।
मैडम, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट से भी बहुत से प्रदूषण बढ़ रहा है इसको प्रॉपर डिस्पोज़ करने का तरीका होना चाहिए साथ साथ इसका रेसीयक्लेशन बढ़ाना चाहिए।
वेरी गुड़ पॉइंट और कौन बताएगा?? अम्बर ने हाथ उठाया यस प्लीज मैडम ने कहा।
मैडम पॉलिथीन को पूरी तरीके से बैन कर देना चाहिए और साईकल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना चाहिए ।
गुड़ एनीवन एल्स???धरा ने हाथ उठाया यस प्लीज मैडम ने कहा।
धरा मैडम पॉलीथीन बेन कबसे देखते आ रहे हैं कुछ दिन होती है फिर वापस शुरू हो जाती हैं। हम ही लोग दुकानदार से बहस करते हैं भैया एक पन्नी तो देदो समान कैसे ले जाएंगे। जैसा कि अभी मेरे साथी सहपाठी ने कहा पब्लिक ट्रांसपोर्ट या साईकल को बढ़ावा देना चाहिए तो हम ही वो लोग हैं जो साईकल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आने वाले को गरीब कहते है और उसका मजाक उड़ाते है। इसीलिए मैडम सबसे पहले लोगों की सोच को बदलना होगा। उनको जागरूक करना होगा।पर्यवारण से जुड़े लोगो को विशिष्ट पहचान दिलाई जाना चाहिए उदहारण के तौर पर जो पर्यावरण के लिए साईकल से आये उसे पुरुस्कृत किया जाना चाहिए। तभी कुछ संभव है।
क्लास तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया।
क्लास खत्म होने के बाद अम्बर धरा के पास गया और चिल्लाते हुए उससे कहा क्या चाहती क्या हो तुम?? क्यो कर रही हो ऐसा।
मैं क्या कर रही हूं, धरा ने कहा।
यही हर टीचर को मुझसे पहले जवाब दे रही हो।और आज ये अपना पोइन्ट मुझे टारगेट किये बिना भी तो कह सकती थी।
ओ हेलो आवाज़ नीचे हां। मुझे तुमसे ज़्यादा पता है तो बोलती हूं तुम्हे पता है तो तुम बोलो किसने रोका है तुम्हे।
खूब समझता हूं मैं तुम्हे! बास्केटबॉल के गेम में भी जान बूझ कर जफ़र को चियर्स कर रही हो तुम।
क्या सायको हो क्या तुम मेरा दोस्त है जफ़र तो उसे चियर्स नही करूंगी तो क्या तुम्हें करूंगी।कभी बात भी की है मुझसे तुमने ???
अम्बर को याद आता है उसने भी उस दिन यही कहा था धरा से कभी बात भी की है मैंने तुमसे। वो चुप हो जाता है।
धरा आगे कहती है सुनो जलो मत बराबरी करो। तुम्हे खुल्ला चैलेंज दे रही हूं सबके सामने इस बार टॉप मैं ही करूंगी मिस्टर टॉपर दम है तो मुझसे आगे निकल कर दिखाओ।
उसे यूं परेशान देख कर रितेश ने अम्बर से कहा क्या हुआ चैम्प इतना पेरशान क्यों है?? पढ़ाई को लेकर इतना भी स्ट्रेस मत ले इट्स जस्ट ए एग्जाम!
भाई बात वो नही है पढ़ाई को लेकर मैं स्ट्रेस नही लेता यू नो मी!अम्बर ने कहा।
फिर क्या बात है??.
कुछ नही भाई जाने दो।
अरे बता ना।
आप प्रॉमिस करो घर पर किसी को भी नही बताओगे??
हां बाबा आजतक बताया है क्या कभी!!
भाई बात ये है कि एक लड़की है...
ओह यू मीन गर्लफ्रैंड... क्या बात है छोटे!!
नही भाई सुनो तो...
अच्छा बोल...सॉरी
एक लड़की है मैंने कभी उससे हाय हेलो से ज़्यादा बात नही की वो एक दिन अचानक मुझे प्रोपोज़ करती है थ्रू अ लव लेटर। अब प्रॉब्लम ये हुई कि वो लेटर मेरे हाथ न लग कर जफ़र के हाथ लग गया और उसने वो लेटर सबके सामने पढ़ कर सुना दिया सभी ने उस लड़की का बहुत मज़ाक उड़ाया। वो रोने लगी तो मुझे अच्छा नही लगा तो मैं उससे सॉरी बोलने गया और सब एक्सप्लेन करना चाहता था पर वो कुछ सुनने को तैयार नहीं। भैया वो अपने ही इमेजिनरी वर्ल्ड में जी रही थी उस वर्ल्ड का मैं हीरो था जब ये सब हुआ तो वो ऐसे रिएक्ट कर रही थी जैसे मैंने उसे चीट किया हो और अब मैं उसके लिए विलेन बन गया था। उलटा सीधा सुनाए जा रही थी मुझे भी गुस्सा आ गया जान ना पहचान मैं तेरा मेहमान मैंने भी उसे सुना दिया।
रितेश ने कहा हम्म देखो यहां लड़की कुछ हद तक गलत है क्योंकि उसने बिना जाने समझे तुम्हे प्यार किया और टीनेज में होता है ऐसा। गलती यहाँ तुम्हारी भी ज़्यादा नही तुमने कोई जान भुझ कर लेटर पब्लिक तो नही किया था पर हां यूं उसपे चिल्लाना नही चाहिए था। उसके इमोशन्स को समझना चाहिए था।
आप सही कह रहे हो पर भाई अब सीन बहुत बदल गया है। वो पूरी बदल गयी है लुक्स से भी नेचर से भी। जफ़र भी उसके साथ हो गया है। वो मुझे हमेशा नीचा दिखती रहती है। मेरी हर बात काटती है। जिस सवाल का मैं जवाब दूंगा उसमे कुछ न कुछ कमी निकालती रहेगी और आज तो हद हो गयी उसने मुझे सबके सामने चैलेंज कर दिया कि इस साल एग्जाम में मुझसे आगे निकल कर दिखाएगी और वो टॉप करेंगी।
हम्म मतलब ये कि वो बच्ची है। जिसे प्यार किया उसे हासिल नही कर पाई तो अब बदला लेने पर उतर आई है। देख छोटे ये साल तेरे कैरियर के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं। ऐसे फालतू के चक्कर में पड़ कर अपना टाइम खराब मत कर । थोड़ी गलती है तेरी पर इतनी भी नही जितना वो बता रही है। अफेयर करके चीट किया होता या छोड़ दिया होता वो बात अलग थी। तो डोंट फील गिल्टी और इन बातों पे ध्यान न दे।
थैंक यू भैया आपसे बात करके अच्छा लगा। अम्बर ने कहा।
*****
उस रात वो बस धरा के बारे में सोचता रहा और उसके कानों में भैया की बात बार बार गूंजती रही अफेयर करके चीट किया होता या छोड़ दिया होता वो बात अलग थी। उसने सोचा सही ही तो है बेवजह इतना तमाशा कर रही है। पता नही क्या समझती है अपने आप को और वो जफ़र भी उसी के साथ मिल गया। चैलेंज किया है ना मुझे मैं भी बताता हूँ उसे चैलेंज क्या होता है।
अगले दिन अम्बर भी पूरे टशन में स्कूल जाता है। धरा भी पूरे घमंड में थी कि मैंने उसकी सबके सामने बोलती बंद कर दी। क्लास शुरू होती है इकोनॉमिक्स की क्लास थी।सर् ने पूछा डिमांड क्या होती है कौन एक्सप्लेन करेगा।
धरा और अम्बर दोनो ने हाथ उठाये। यस धरा तुम बताओ सिर ने कहा।
सर् यदि व्यक्ति किसी वस्तु को खरीदने का इक्छुक है और समर्थ भी उसे डिमांड कहते है। धरा ने कहा।
अम्बर पीछे से बोला गलत है सर् !
धरा ने मुड़ कर गुस्से से उसे देखा। वो स्माइल के साथ उठा और बोला सर् डिमांड में एक निश्चित अवधि में किसी दिए गए उत्पाद का अधिग्रहण करने के लिए उपभोक्ता की क्रय शक्ति शामिल है। धरा निश्चित समय और उत्पाद की उपलब्धता का उल्लेख करना भूल गयी।
यस राइट ये है परफेक्ट परिभाषा । गुड अम्बर बैठ जाओ। सर् ने कहा।
तभी पीरियड खत्म हो गया। सर् के जाने के बाद अम्बर उठा और धरा के पास जाकर बोला जवाब देने में और सही जवाब देने में फर्क होता है। इसी तरह पढ़ने में और ढंग से पढ़ने में भी फर्क होता है। चैलेंज एक्सेप्टेड मिस धरा मैं भी देखता हूँ तुम कैसे मुझसे आगे निकलती हो।
धरा उसकी ओर ताकती रह गयी उसने सोचा भी नही था जो अम्बर कल तक मुँह लटका कर गिल्टी टाइप घूम रहा था वो उससे आज ऐसा कहेगा।
नैना और जफ़र के भी मुंह देखने लायक थे दोनों सोच रहे थे इस साल तो अम्बर डिस्ट्रैक्ट हो गया पर ये क्या अब तो वो और पढ़ेगा चैलेंज जो एक्सेप्ट कर लिया।
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दोनो में काटें की टक्कर शुरू हो गयी। धरा और अम्बर एक दूसरे को नीचे दिखाने का एक भी मौका नही छोड़ते। सवाल में हो या खेल के मैदान में।
स्कूल का आखिरी दिन था उसके बाद छुट्टियां लग रही थी। फिर सबको केवल पेपर देने आना था। आज सभी इमोशनल थे आज ही शाम को 11वी के छात्र 12वी वालो को फरेवेल देने वाले थे।
आज ज़्यादातर टीचर्स ने पढ़ाया नही सभी ने बच्चों को एग्जाम के समय ध्यान रखने योग्य कुछ टिप्स दिए और ऑल द बेस्ट कहा। सभी इमोशनल थे सालों जिस स्कूल की बुराई करते रहे आज अचानक से वो प्यारा लगने लगा था। वो ग्राउंड, बास्केटबॉल कोर्ट, स्कूल कैंटीन, सुबह की असेंबली, म्यूजिक रूम सब कुछ।
शाम में फरेवेल थी। सभी लड़कियां साड़ी पहन कर आई थी और लड़के सूट में आये थे। धरा उस शाम लाल रंग की साड़ी में आई थी। एक हाथ मे मेटल की चूड़ियां और दूसरे में घड़ी। ऊंची हील और खुले बाल। बहुत सुंदर लग रही थी। अम्बर भी आज कुछ कम नही लग रहा था सफेद शर्ट कला कोट कला पैंट।
जूनियर्स ने सभी सीनियर लड़कियों को 1 से लेकर 70 तक नंबर दिए और सभी लड़को को भी 1 से 70 तक नंबर दिए। उसके बाद जिन लड़की और लड़कों का नंबर एक था उनको साथ मे रैंप वॉक करने को कहा गया। अम्बर और धरा का नम्बर एक था 25। दोनो को साथ मे रैंप वॉक करनी पड़ी। दोनो साथ मे इतने अच्छे लग रहे थे कि किसी की भी नज़र उनसे नही हट रही थी पर धरा और अम्बर एक दूसरे को नज़र भर कर देख भी नही रहे थे। अभी आधा रास्ता ही गुज़रा था कि धरा का पैर मुड़ गया हील की वजह से और वो लडखडा कर गिरने ही वाली थी कि अम्बर ने उसे कमर से पकड़ कर सम्भाल लिया। कुछ पलों के लिए दोनो एक दूसरे को देखते ही रह गए।धरा ने सोचा ये वही अम्बर था कभी जिसके सपने वो दिन रात देखा करती थी आज वो उसकी बाहों में थी। अम्बर भी उसे जी भर कर देख लेना चाहता था ये वही लड़की है जो हर रोज़ उससे लड़ती है पर आज कितनी सुंदर लग रही है। उन लोगों को यूं देख स्कूल के बच्चे शोर करने लगे उनके शोर से दोनों का ध्यान टूटा दोनो शर्मा गए और जल्दी जल्दी बाकी का रास्ता तय किया।
पार्टी में कई बार धरा का ध्यान अम्बर पे गया। प्रोग्राम खत्म होने पर मिस्टर ईव का खिताब अम्बर को मिला और मिस ईव का खिताब धरा को। प्रोगाम खत्म होने पर धरा अम्बर के पास गई और कहा कांग्रेट्स!!
अम्बर ने कहा थैंक्स सेम टू यू!
थैंक्स एंड आल्सो थैंक यू स्टेज पर मुझे संभालने के लिए।
ओह्ह इट्स ओके। क्या है ना मेरे संस्कार ही ऐसे हैं कोई कितने भी सितम कर ले मैं इतना भी नही गिर सकता कि गिरते हुए को संभालूं भी नहीं। वैसे आज लास्ट डे है स्कूल का और तुम गिरते गिरते बची ये शगुन कुछ अच्छा नही है ना!! देखते हैं एग्जाम में क्या होता है!!
धरा गुस्से से भर उठी और सोचने लगी ये लड़का इंसानियत के लायक ही नही है। फालतू में इसे थैंक्स बोला। उसने गुस्से से कहा शगुन अपशगुन का पता तो रिजल्ट के दिन ही चलेगा और जाने लगी।
अम्बर चिल्ला कर उससे बोलता है रिजल्ट का तो मुझे भी इंतज़ार रहेगा !! ओए सुन ऑल द बेस्ट हारने के लिए!!
धरा ने उसे मुड़ कर देखा और जीभ चिढ़ाती हुई वहाँ से चली गई।
आखिरकार एक एक कर के सारे पेपर्स हो गए और वो दिन भी आ गया जिस दिन रिजल्ट आना था। रिजल्ट से एक दिन पहले अम्बर, धरा, नैना और जफ़र चारों की आंखों से नींद गायब थी। धरा ने तो सारे सीन भी क्रिएट कर लिए थे अगर टॉप करेंगी तो कौन क्या कहेगा वो क्या जवाब देगी । अगर नहीं टॉप कर पाई तो वो अम्बर से क्या कहेगी वो क्या कहेगा आदि। उधर अम्बर भी रात भर सोचता रहा टॉप तो वो ही करेगा ये उसे भरोसा था उसे तो सुबह का बस इसीलिए इंतज़ार था ताकि वो धरा का लटका हुआ चेहरा देख पाए।
सुबह धरा उठी नहा कर देवी मां से प्राथना करने लगी हर बार माता रानी आपसे उस अम्बर के लिए मन्नतें मांगी हैं लेकिन आज मेरे लिए माता रानी रिजल्ट आने वाला है आज मैं ही टॉप करूँ और अगर ऐसा हुआ तो आपके मंदिर नंगे पैर सीढियां चढ़ कर आऊंगी। नैना ने भी आज भगवान के आगे माथा टेका भगवान जी प्लीज सबकी नजर अम्बर और धरा पर है पर बाज़ी मैं ही ले जाऊं। जफ़र ने भी अज़ान करते वक़्त अल्ला से रिजल्ट के लिए इबादत की।
10 बजे कई सारे बच्चे रिजल्ट के लिए स्कूल जा पहुँचे। अम्बर, धरा, जफ़र और नैना भी। इंटरनेट पे मैडम एक एक कर के सभी बच्चों के रोल नंबर एंटर कर रिजल्ट चेक कर रही थी। जफ़र के 94.6 परसेंट अंक आये। नैना के 96 परसेंट, धरा के 99.5 परसेंट। अब सबको इंतज़ार था अम्बर के रिजल्ट का। मैडम ने उसका रोल नंबर एंटर किया तभी इंटरनेट कनेक्शन चला गया। लगभग 5 मिनट बाद वापस इंटरनेट कनेक्शन आया । मैडम ने फिर से उसका रोल नंबर एंटर किया उसके भी 99.5 परसेंट आये थे। यानी कि धरा और अम्बर दोनो के एक जैसे नंबर यहां तक कि .5 भी दोनो का एक जैसा ही था। धीरे धीरे सभी बच्चों और सभी संकायों के नंबर सामने आए जिससे पता चला स्कूल में धरा और अम्बर दोनो ने सभी संकायों में टॉप किया है। सब उन्हें बधाई दे रहे थे पर उन दोनों के चेहरे लटके हुए थे। दोनो एक दूसरे को नीचा दिखा कर जीतना चाहते थे पर अब ये क्या टाई की आशा तो किसी ने भी नही की थी। धीरे धीरे बच्चे स्कूल से जाने लगे आखिर में धरा और अम्बर ने भी बेमन से एक दूसरे को बधाई दी और अपने अपने घर चले गए।
धीरे धीरे शाम होते होते पता चला दोनों ने केवल स्कूल में ही नही बल्कि पूरे राज्य में टॉप किया है। दोनो के माता पिता तो फुले नही समा रहे थे। सुबह से अखबार वालो के फोन आने लगे इंटरव्यू के लिए। दोनो ने अपने इंटरव्यू में अपने माता पिता को धन्यवाद दिया। जब ये खबर अखबार में छपी तो नैना जल गई उन्हें चिढ़ कर धरा को कॉल किया और कहा वाह भई वाह तू तो छा गई हर तरफ तेरे ही चर्चे हैं पर अपने इंटरव्यू में एक बार अम्बर को भी धन्यवाद कह देती आखिरकार असली वजह तो वो ही है नही तो तू तो टॉपर्स की रेस में भी नही थी।
धरा जानती थी ये सच है इसीलिए कुछ नही बोली बस इतना ही कह पाई मैं तो उससे कभी बात भी न करूँ।
उधर जफ़र भी अम्बर का इंटरव्यू पढ़ जल जाता है और उसे फोन करके कहता है बधाई हो टोपर बाबू। पर कुछ भी कहो आज मुझे उस कहावत पर विश्वास हो गया हर सफल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है। अगर धरा न होती तो बेटा तू राज्य टॉप तो नही कर पाता।
अम्बर कुछ न कह पाया क्योंकि वो जानता था कि ये सच है।
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आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए अम्बर अपने प्लान के मुताबिक अमेरिका चला गया और धरा पुणे। नैना भी पुणे गयी पर दूसरे कॉलेज में दाखिला लिया। जफ़र वही रहा और पढ़ाई के साथ साथ अपने पिता का बिज़नेस संभालने लगा। कॉलेज जाने के बाद अम्बर और धरा का एक दूसरे से कोई संपर्क नही रहा।
8 साल बाद
एक शानदार काली गाड़ी से अम्बर उतरता है आफिस के कई सारे लोग गुड मॉर्निंग सर् कहते हैं। अम्बर सबको सर् हिला कर जवाब देता हुआ अपने केबिन में चला जाता है। केबिन में जाकर वो पिऊन को बुलाता है प्लीज एक कप चाय भिजवा देना। चाय आती है । चाय पीते ही उसका दिल खुश हो जाता है। सालों बाद इंडिया आकर यहाँ चाय पीने का मज़ा ही कुछ और है। कितनी मेहनत के बाद इंडिया वापस आ पाया वो सोचता है।
अम्बर एक इंटरनेशनल एड एजेंसी में काम करता था। उसी एड एजेंसी ने अपनी पहली ब्रांच इंडिया में मुम्बई में खोली थी। कई उम्मीदवार थे इंडिया आने के लिये पर अम्बर को मौका मिला। अम्बर कंपनी में क्लाइंट्स के प्रोजेक्ट्स की डील करवाता था और प्रोजेक्ट अच्छी तरह समय पर खत्म हो ये उसकी जिम्मेदारी थी।
मुम्बई उसके लिए नया शहर था और अमेरिका के शांत वातावरण से बिल्कुल उल्टा था। शाम में ऑफिस खत्म होने के बाद अम्बर जुहू बीच निकल गया। बच्चों को लेकर घूमते हुए लोग, कहीं गर्लफ्रैंड बॉयफ्रेंड का शोर तो कहीं ठेलो पर बनते खाने की खुशबू। अम्बर ने भी मुम्बई की पाव भाजी की एक प्लेट हाथ में लेली और समुंदर की लहरों को एन्जॉय करने लगा।
लगभग एक महीना यूं ही बीत गया। आफिस खत्म होते ही अम्बर कभी मरीन ड्राइव, कभी जुहू बीच, कभी गेट वे ऑफ इंडिया या कोई मॉल घूमने निकल जाता। सालों बाद आने देश आकर भीड़ भाड़, ठेले का खाना , बाजार की रौनक देख कर उसे बड़ा अच्छा लगता।
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ऑफिस में एक दिन बहुत बड़ी डील होनी थी एक जानी मानी कॉस्मेटिक कंपनी की डील थी। अगर आफिस सेट उप के एक महीने बाद ये डील हाथ लग जाये तो समझो जैसे जैकपोट। अम्बर बहुत एक्ससाइटेड था। डील के लिए कंपनी ने अपना रिप्रेजेंटेटिव उनके आफिस भेजा था। अम्बर भी अपनी टीम के साथ प्रेजेंटेशन के साथ तैयार था।
रिसेप्शन से फ़ोन आता है कंपनी रिप्रेजेन्टेटिव आ चुके हैं। अम्बर ने उनको अंदर भेजने को कहा। 3 लोग आए थे जिसमें दो पुरुष और एक महिला थी। 2 पुरुष कुछ 40 की उम्र के लग रहे थे महिला यही कुछ 23-25 साल की। उसमे सफेद सलवार कमीज पहन रखी थी और बालों को बांध रखा था बड़ी ही सिंपल सी लग रही थी एड वर्ल्ड में आमतौर पर जैसी फैशनेबल लड़कियां होती हैं उनसे बिल्कुल अलग। न जाने क्यों अम्बर उसे देखता ही रह गया। उसे ऐसा लगा शायद वो उसे जनता हो कहीं तो देखा है इसे। कंपनी के सीनियर ने अपना परिचय देते हुए कहा हाय आई एम शुशांत डिस इस विक्रम एंड डिस इस मिस धरा वी आर हेयर फ़ॉर....उसके बाद उसने क्या कहा अम्बर को सुनाई ही नही दिया धरा क्या ये वही धरा है। मेरे स्कूल वाली धरा। जैसे तैसे अम्बर ने अपने इमोशन्स को कंट्रोल किया और प्रेजेंटेशन पर ध्यान दिया। प्रेजेंटेशन के बीच मे और बाद में उसे इतना टाइम नही मिला कि वो धरा से अकेले में बात कर पाए और न ही उसकी हिम्मत हुई कि ऐसे पूछे न हुई वो स्कूल वाली धरा या क्या पता अब तक दुश्मन मानती हो उसे। प्रेजेंटेशन खत्म हुई वो चली गयी।
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धरा का ध्यान भी बार बार अम्बर की तरफ जाता रहा। अम्बर वही तो था वो शायद पता नही। ऑफिस के बाद घर आकर उसने लैपटॉप ऑन किया ऑयर फ़ेसबुक खोला और अपनी ब्लॉक लिस्ट में गयी। जब अम्बर ने उस दिन उसका मजाक बनाया था उसी दिन धरा ने उसे ब्लॉक कर दिया था। उसने ब्लॉक लिस्ट में नाम देखा अम्बर श्रीवास्तव उसने उसे अनब्लॉक किया। उसके बाद उसे सर्च किया कई म्यूच्यूअल फ्रेंड्स थे तुरन्त मिल गया। हां ये तो वही है । अम्बर जिससे आज मिली मैं क्या वो मुझे पहचान गया होगा। क्या सोच रहा होगा मेरे बारे में। मैं भी कितनी बेवकूफ थी जान न पहचान प्यार करने लगी उससे और रिजेक्शन पे इतना ड्रामा किया। धरा को स्कूल की सारी बातें याद आने लगी। वैसे कुछ भी कहो क्यूट वो आज भी उतना ही लग रहा था।
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उधर अम्बर ने भी घर जाकर उसे फेसबुक पर सर्च किया । धरा वशिष्ठ हां ये तो वही है। कितनी झल्ली सी दिखती थी ये कितनी सुंदर लग रही थी आज। पागल थी पूरी पर कितना प्यार करती थी मुझसे और फिर वो दुश्मनी। अम्बर उसकी बातें याद कर कर के अकेले ही हंसे जा रहा था।
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धरा ने अगले दिन नैना को फ़ोन कर सारी बात बताई कैसे वो इतने सालों बाद अम्बर से मिली। नैना भी पुणे में जॉब कर रही थी और अगले महीने उसकी शादी थी।
धरा: हाय नैना गेस वाट मैं कल किस से मिली??
नैना: किस से??
धरा: अबे तुझे याद है अम्बर स्कूल वाला।
नैना: हां उसे कैसे भूल सकती हूं। पहले तू उसके प्यार में दीवानी थी तो मुझे तेरे साथ मंदिर जाना पड़ता था। फिर तेरी वो दुश्मनी। वैसे कहाँ मिला वो तुझे सुना था वो अमरीका चला गया था।
धरा: हां अब वापस आ गया है एक इंटरनॅशनल एड कंपनी में है। कंपनी के नए प्रोडक्ट के एड के सिलसिले में मुलाक़ात हुई।
नैना: अच्छा क्या कह रहा था? पहचाना तुझे वो?
धरा: यार ऑफिसियल मीट थी। कोई बात नही हुई पर चेहरे से लग तो रहा था शायद पहचान गया। कल मैं सोच रही थी फोकट मैंने उस टाइम इतना ड्रामा किया देखा जाए तो उसकी इतनी गलती भी नही थी।
नैना: तू तो है ही ड्रामेबाज़। सच यार अपन तब बच्चे थे पर सुन फिर से उसके प्यार में मत पड़ जइयो बिना उसे जाने समझे वैसे भी अब तो वो फॉरेन रिटर्न हो गया है।
धरा: पागल है क्या मैं क्यों पडूँगी उसके प्यार में तब बच्ची थी यार। और सुना कैसी चल रही तेरी शादी की तैयारी।
नैना: 15 दिन बाद छुट्टी पर जा रही हूं। तभी सारी तैयारी कर पाऊंगी वरना जॉब से फुरसत ही कहाँ मिलती है। तू सुना तूने टिकट्स बुक की या नही मेरी शादी के लिए??
धरा: बस फ़ोन रख कर टिकट्स ही बुक करने जा रही हूं।
नैना: तो कर जल्दी। मुझे कोई बहाना नही चाहिए।
धीरे धीरे वक़्त बीता धरा और अम्बर इस मुलाकात को भूल गए। नैना की शादी भी हो गयी। धरा और बाकी स्कूल के दोस्तों ने बहुत एन्जॉय किया।
******
1 महीने बाद
धरा को बॉस ने अपने केबिन में बुलाया।
मे आई कम इन सर्??? धरा ने बॉस से पूछा।
बॉस: यस मिस धरा। ऐज़ यू नो पिछले एक महीने में करीब 10 एड एजेंसीज से हमने अपने न्यू प्रोडक्ट के लिए कांटेक्ट किया है। उन मीटिंग्स में से ज़्यादातर में आप भी शामिल थीं। कंपनी ने वो कॉन्ट्रैक्ट रिच आइडियाज कंपनी को देने का डिसिशन लिया है। आप यंग हैं, आपका परफॉरमेंस भी अब तक काफी अच्छा रहा है। इसीलिए इस बार हमने डिसाइड किया है ये प्रोजेक्ट आप लीड करेंगी।
धरा को समझ नही आ रहा था कैसे रिएक्ट करे। रिच आइडियाज यानी कि अम्बर वाली कंपनी। प्रोजेक्ट लीड मतलब अक्सर उसका सामना करना पड़ेगा। कैसे फेस करेंगी उसे। और माना करेगी तो कैरियर पे सवाल उठेगा लोग कितनी मेहनत और कितनी चमचागिरी करते हैं प्रोजेक्ट लीड करने के लिए और यहाँ ये प्रोजेक्ट खुद चल कर उसके पास आया है। क्या करे वो एकदम ब्लेंक खड़ी थी।
बॉस : एनी प्रॉब्लम मिस धरा???
धरा: नो सर्! इट्स माई प्लेजर टू लीड डिस प्रोजेक्ट। इट्स जस्ट आई कैंट बिलीव माई इयर्स।
बॉस: ग्रेट सो आर यू रेडी टू लीड डिस प्रोजेक्ट??
धरा: जी सर पूरी कोशिश करूंगी आपकी अपेक्षाओं पर खरी उतरने के लिए।
बॉस: ऑल द बेस्ट। आप कल से प्रोजेक्ट शुरू कर सकती है। मिस्टर शुशांत आपको प्रोजेक्ट की बाकी डिटेल्स दे देंगे। आपका पहला प्रोजेक्ट है ऐज़ ए लीडर सो जब भी कोई परेशानी आये फील फ्री टू कम टू मी।
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धरा बॉस के केबिन से आकर अपने केबिन में बैठ जाती है। उसका सर ज़ोर से चकरा जाता है कल कैसे फेस करेगी अम्बर को उसने पहचान लिया तो??? कहीं वो अभी तक मुझे अपना दुश्मन समझता हो तो?? हां तो कर दिया है अब आगे क्या?? उसने कभी सपने में भी नही सोचा था अम्बर यू एक दिन उसके सामने आकर खड़ा हो जाएगा। उसका सर दर्द से फटा जा रहा था। उसने कैंटीन से अपने लिए एक कप चाय मंगवाई। चाय आई ही थी कि शुशांत जी का फ़ोन आ गया, "बधाई हो मिस धरा पहला प्रोजेक्ट लीड करने को मिला है आकर सारी डिटेल्स समझ लो क्योंकि आज मुझे घर थोड़ा जल्दी जाना है।"
धरा चाय खत्म कर शुशांत जी के केबिन में गयी वहां से जैसे ही फ्री हुई। पूरे आफिस को पता चल गया धरा को प्रोजेक्ट लीड करने मिला है। शुशांत जी के केबिन से बाहर आते ही सब उसे बधाई देने लगे और पार्टी की डिमांड करने लगे। धरा ने सबको पार्टी दी। आफिस से लौटते वक्त माँ को फ़ोन पर खबर सुनाई।
मां ने उसे बधाई दी। फिर कहने लगी बेटा कब तक काम काम करती रहेगी। शादी की उम्र हो गयी है। देख तेरी फ्रेंड नैना की भी शादी हो गयी है। देख मैंने तेरे लिए कुछ लड़के शॉर्टलिस्ट किये हैं उनकी फ़ोटो तुझे सेंड करती हूं तू देख कर बता कैसी लगी।
माँ वो नैना थी मैं धरा हूँ। उसने शादी कर ली तो मैं क्यों करूँ। क्यों सदा शादी के पीछे पड़ी रहती हो!!, धरा ने चिढ़ कर कहा।
बेटा एक न एक दिन तो शादी करनी ही है। समय से कर लो तो अच्छा वरना बहुत प्रॉब्लम आती है। अच्छा तू बता प्रॉब्लम क्या है कोई बॉयफ्रेंड है क्या तेरा।
नहीं माँ!!
तो फिर क्या दिक्कत है।
बस नही करनी।
पर क्यों??
अरे माँ शादी के बाद लाइफ खत्म हो जाती है। अभी आप शादी के पीछे पड़ी हो फिर बच्चे के पीछे पड़ जाओगी । एक बार बच्चा हो गया तो उसे कैसे मैनेज करें या तो जॉब छोड़ दो या डबल शिफ्ट करो घर भी बाहर भी। नही पड़ना इन चक्करों में।
तो क्या तू कभी शादी नही करेंगी??
कभी का पता नही पर अभी नही माँ।
बेटा तू समझ नही रही...
माँ आप नही समझ रही । अच्छा सुनो बहुत थक गई हूं घर पहुँच कर कल की तैयारी भी करनी है बाद में बात करती हूँ। बाय।
अच्छा बाय और सुन ऑल द बेस्ट कल के लिए!!
थैंक यू मम्मा!
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घर पहुच कर धरा ने बैग सोफे पर पटका। बाथरूम में जाकर मुँह हाथ धोये। थक गई थी कुछ बनाने का मन नहीं था इसलिए फ़ोन निकाला और खाने के लिए कुछ आर्डर करने लगी। तभी मां का मैसेज मोबाइल पे फ़्लैश किया फ़ोटो तो देख लेना। धरा ने मेसेज हटाते हुए अपना खाना आर्डर किया। एक इतना बड़ा दिन था पर वो खास खुश नही थी और अपना डर किसी से शेयर भी नही कर सकती थी। उसके दिमाग मे नैना का खयाल आया फिर सोचा नई नई शादी में अपने पति के साथ बिजी होगी छोड़ो। आज उसे लग रहा था कितनी अकेली है वो खुशी शेयर करने को बहुत लोग है पर ग़म किस से शेयर करे। उसने लैपटॉप ऑन करके माँ के भेजे लड़को की फ़ोटो एक नज़र देखी और कल की तैयारी करने लगी। थोड़ी देर बाद डोर बेल बजी। खाना आ गया था उसने अपने पसंदीदा गानों की लिस्ट चुनी और प्ले कर दिया और अकेले बैठ कर खाना खाने लगी।
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टिन टिन.. टिन टिन...
धरा की आंख अलार्म घड़ी की आवाज़ से खुली। आज बड़ा दिन था। एक तो पहला प्रोजेक्ट लीड करने मिला था और वो भी बचपन के दुश्मन की कंपनी में। धरा ने उठ कर अपने लिए एक कप चाय गैस पर चढ़ाई और डाक्यूमेंट्स सलीके से रखने लगी। चाय टोस्ट खा कर धरा तैयार होने लगी। आज खास दिन था इसलिए उसने अपना खास सूट पहना सफेद चिकन का कुर्ता और साथ में सफेद चूड़ीदार सलवार और दुपट्टा लाल तैयार होकर धरा भगवान के आगे हाथ जोड़कर खड़ी हो गई भगवान जी बस सब कुछ ठीक करना ।
पर आज शायद भगवान उसके साथ नही थे। आज उसे प्रोजेक्ट से रिलेटेड डाक्यूमेंट्स लेकर अम्बर के आफिस जाना था। जैसे ही वो घर से निकली स्कूटी पंक्चर मिली। कैब बुक करने का सोचा पर 15 मिनट बीत गए कोई कैब नही बुक हुई। फिर क्या था पैदल पैदल चल दी मेन रोड तक। वो जा ही रही थी एक गाड़ी सरर से वहाँ से गुजरी औऱ सड़क के गड्ढे का पानी धरा के ऊपर। सारा सूट खराब हो गया। धरा ने सोचा जा कर चेंज करूँ पर घड़ी में जब देखा तो 10 बज चुके थे और मीटिंग का टाइम 10:30 था। उस पर मुम्बई के ट्रैफिक का कोई भरोसा नही। उसने ऐसे ही जाना बेहतर समझा पहले ही दिन वो लेट नही होना चाहती थी। मेन रोड पर पहुच कर उसे जैसे तैसे ऑटो मिला और 11:30 बजे वो अम्बर के आफिस पहुँच पाई। यानी कि समय से 1 घंटा लेट।
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रिसेप्शन से अम्बर को कॉल आता है कोई मिस धरा आपसे मिलना चाहती हैं। अम्बर ने घड़ी देखी और कहा उन्हें 5 मिनट से अंदर भेज दो।
धरा अम्बर के केबिन में गयी और दरवाज़ा खटखटाया। अम्बर ने कहा कम इन!
धरा ने कहा हाय !! हाय मिस ....कहते कहते अम्बर रुक गया। धरा का सफेद कुर्ता सलवार मैला हो चुका था। ऑटो में आने के कारण बाल भी बिखर चुके थे और पसीना भी काफी आ रहा था।
आर यू ओके!! कोई एक्सीडेंट हुआ क्या????
नहीं... वो...आई मीन ऐसा ही कुछ समझ लीजिए!
हम्म...एक काम कीजिये जाके फ्रेश हो जाइए हम आधे घंटे से मीटिंग रखते हैं।
नही...नही...इट्स ओके।
ज़िद करने की आदत आपकी गयी नही मिस धरा!
(ओह्ह तो ये भी पहचान गया धरा ने सोचा) आपकी भी तो अपनी बात मनवाने की आदत नही गयी मिस्टर अम्बर।
दोनो मुस्कुरा दिए।
जाइये थोड़ा फ्रेश हो जाइए फिर शुरू करते हैं।
जी कहते हुए धरा वहाँ से चली गयी। मन मे अजीब सी गुदगुदाहट थी। मतलब अब प्यार नही था पर न जाने क्यों अम्बर का केअर करना उसे अच्छा लगा।
वाशरूम जाकर जब धरा ने खुद को आईने में देखा तो शर्मा गयी। कितनी पागल दिख रही थी अम्बर क्या सोच रहा होगा। खैर उसने अपना मुंह धोया। वाइप से कुर्ता भी थोड़ा साफ किया। कंघी की। थोड़ा सा पाउडर और लिप बाम लगाया। उसके बाद वापस अम्बर के केबिन में गयी।
अब लग रहीं हैं आप इंसान! चाय??? अम्बर ने पूछा।
ओके!
दो कप चाय आई दोनो ने चाय पीते पीते प्रोजेक्ट के बारे में डिसकस किया। डिस्कशन करते करते कई बार दोनो की आंखे एक दूसरे से टकराई और दोनो ने ही झेंपते हुए अपनी निगाह हटा ली। डिस्कशन करते करते लगभग 1:30 बज गया।
आपका लंच का क्या प्लान है??? अम्बर ने पूछा।
कुछ खास नही!
इफ यू डोंट माइंड यहां पास में बहुत अच्छा रेस्टुरेंट है साथ मे लंच करते हैं।
ओके!
दोनों अम्बर की कार से रेस्टुरेंट पहुचते हैं। बहुत ही बड़ा रेस्टुरेंट था और काफी मंहगा भी। उनके पहुँचते ही वेटर ने उन्हें पानी सर्व किया और मेन्यू कार्ड सामने रख दिया। दो टोस्ट कहा कर निकली थी घर से धरा उसे ज़ोरो की भूक लग रही थी पर क्या मंगाए। अम्बर उसे कोई डेट पर नही लाया था फिर भी जाने क्यों उसे पहली डेट जैसी घबराहट हो रही थी।
तो क्या खाओगी? अम्बर ने पूछा।
कुछ भी यू टेल आपकी ट्रीट है!!
ओह हेलो किसने कहा मेरी ट्रीट है। मैने सिर्फ साथ खाने का पूछा था पैसे आधे आधे डिवाइड होंगें।
धरा का सारा मुँह उतर गया।
हाहाहा अम्बर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा अरे मज़ाक कर रहा था ।
फीकी सी मुस्कान लिये धरा बोली नहीं नहीं इट्स ओके आई विल गिव माय बिल।
अरे मजाक कर रहा था सच में अच्छा बताओ क्या खाओगी??
बटर पनीर और गार्लिक नान!
ओके वेटर एक बटर पनीर और 2 गार्लिक नान। 1 हॉट न सौर सूप एंड मटन सीक कबाब। बाकी बाद में आर्डर करता हूँ।
ओह्ह तो ये कम्पलीट मील लेने वाला है और मैंने डायरेक्ट खाना बोल दिया! सोच रहा होगा कितनी लो क्लास हूं। धरा अपने ही खयालो में खोई हुई थी। तभी अम्बर ने पूछा सो हाऊ वास् लाइफ आफ्टर 12थ।
बढ़िया पुणे से ग्रैजुएशन किया वही से पी जी। उसके बाद यहां मुम्बई में जॉब लग गईं ।
ओह्ह तो ये तुम्हारी पहली जॉब है।
नही दूसरी पहली वाली कंपनी भी यही थी।तुम बताओ हाऊ वास् लाइफ आफ्टर 12थ।
बस वाशिंगटन से ग्रेजुएशन किया सिडनी से पी जी। फिर कुछ महीने शिगाओ में काम किया। उसके बाद बर्लिन। फिर न्यू जर्सी उसके बाद यहां आया हूँ वापस अपने देश।
खाना आ चुका था तब तक। दोनो खाना स्टार्ट करते हैं।
ग्रेट तो इतने सारे देश घूम कर वापस इंडिया आ कर कैसा लग रहा है। धरा ने पूछा।
पता नही मिक्स्ड फीलिंग्स। यहां की भीड़भाड़ अपनी भाषा सबको बहुत मिस किया तो अच्छा लगता है पर घर, सड़के वगरह वहां के अच्छे थे तो उस जगह को भी मिस करता हूँ। यू नो कोई भी जहग आई थिंक परफेक्ट नही हो सकती। किसी की भी लाइफ परफेक्ट नही हो सकती। कुछ न कुछ हमेशा मिसिंग रहता ही है।
हम्म सच लाइक आई डोंट हैव मच फ्रेंड्स बट आई हैव बेटर जॉब।
हम्म दोस्त तो मेरे भी नही हैं यहां तो क्या कहती हो मुझसे दोस्ती करोगी। कहते हुए अम्बर अपना हाथ आगे बढ़ा देता है।
धरा मुस्कुरा कर उससे हाथ मिलाते हुए कहती है। यस !
तभी वेटर आकर आर्डर के लिए पूछता है। एक चिकन बिरयानी कर देना अम्बर कहता है।
लिसेन आई एम सॉरी जो भी पहले मैंने तुम्हारे साथ किया। आई नो तुम्हारी कोई गलती नही थी तुमहे तो पता भी नही था दैट आई....आई ...आई लाइक यू। और वो लेटर भी तुम्हे जानभुझ कर सबके सामने नही पढ़ा था । आई थिंक आई ओवर रिजेक्टेड दैट टाइम ।
इट्स ओके कोई नही इस दुश्मनी के चलते हम दोनों ने स्टेट टॉप कर लिया। देखा जाए मेरा भी भला ही हुआ।
दोनो हँसने लगते है।खाना खाने के बाद दोनों ओसे क्रीम खाते हुए अपने अपने आफिस निकल जाते हैं।
*****
रास्ते मे धरा नैना को फोन करती है। यार अम्बर वैसा नही है जैसा हम सोचते थे गेस वाट आज उसने खुद से दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाया ।
सुन दोस्ती तक ठीक है ज़्यादा आगे मत बढियो। पहली मुलाक़ात में दोस्ती दूसरी में प्यार तीसरी में बिन ब्याही माँ। वो दुनिया घूम कर आया है और तू ठहरी देसी छोरी चक्कर मे मत पड़। काम करने गयी है काम कर। देख दोस्त हूं इसलिए समझा रही हूं।
धरा सोच में पड़ जाती है। क्या अम्बर ऐसा हो सकता है। तेज़ चालक!!
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धरा से मिलकर वापस आते समय अम्बर के पास सुहाना का फोन आता है।
कहाँ थे कितनी देर से कॉल कर रही थी।
ओह एक मीटिंग में था। क्या हुआ।
कुछ नही वास् मिसिंग यू। गेस वाट आज मैंने लंच में एक नई मेक्सिकन डिश ट्राय की।
अम्बर को अचानक धरा की याद आ गयी। जब उसने कहा था एक बटर पनीर और नॉन। कितनी सिंपल है वो।
हेलो हेलो!! दूसरी तरफ से सुहाना की आवाज़ आती है।
हेलो हेलो!! कुछ सुनाई नही दे रहा शायद नेटवर्क प्रॉब्लम है। मैं बाद में कॉल करता हूं। कहते हुए अम्बर कॉल रख देता है।
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2 दिन दिन फिर धरा को अम्बर के ऑफिस जाना। अब तक उसकी स्कूटी भी ठीक हो गयी थी आज धरा ने हल्के गुलाबी रंग का सूट पहना और कानों में मोरपंखी बुन्दे पहने बालों का जुड़ा बनाया और पैरों में राजस्थानी मोजड़ी पहनी। रास्ते भर उसके अम्बर से मिलने का इंतज़ार रहा। ये 2 दिन बहुत का अंतराल बहुत लंबा लग रहा था उसे। बॉयफ्रेंड तो नही था वो फ्रेंड भी ढंग से नही बना था पर उसमे कुछ था जो शुरू से ही धरा को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है।
उधर अम्बर भी आज आफिस समय से पहले ही पहुँच गया। उसने भी आज हल्के गुलाबी रंग की शर्ट और स्लेटी पैंट पहना। ऑफिस पहुँच कर उसे भी बस धरा का इंतज़ार था। करीब 10:15 पर रिसेप्शन से कॉल आया मिस धरा आपसे मिलने आई हैं। अम्बर ने अंदर भेजने को कहा। धरा ने दरवाजा खटखटाया मे आई कम इन?? यस प्लीज कहते हुए जैसी ही अम्बर ने नज़र उठाई वो बस धरा को देखता ही रह गया। ये वही है झल्ली सी स्कूल की लड़की आज कितनी सुंदर दिख रही है।
अम्बर उसे देखे जा रहा था और धरा ने कुछ देर तो उसे देखा उसके बाद उसे उसका यूं देखना थोड़ा अजीब लगने लगा वो शर्मा कर इधर उधर देखने लगी उसे समझ नही आ रहा था क्या कहे। तभी अम्बर का फ़ोन बज उठा और उसने अपनी नज़र धरा से हटाते हुए बैठने का इशारा किया। धरा अम्बर के समाने बैठ गयी। सो चाय??? अम्बर ने धरा से पूछा??
ओके धरा ने कहा। अम्बर ने फ़ोन कर कैंटीन से चाय मंगवाई। उसके बाद दोनों तरफ सन्नाटा दोनो को समझ नही आ रहा था क्या कहें। चुप्पी तोड़ते हुए अम्बर ने कहा नाइस परफ्यूम! थैंक्स धरा ने कहा।
तो स्कूटी ठीक हो गयी तुम्हारी??
हां उसी दिन शाम में घर जाते ही ठीक करवाई।
हम्म तो आज 11 बजे से मॉडल्स के ऑडिशन हैं एड के लिए ये उनकी ऍप्लिकेशन्स हैं जस्ट गो थ्रू इट अम्बर ने कुछ कागज़ धरा को पकड़ाते हुए कहा।
धरा चाय पीने के बाद उन ऍप्लिकेशन्स को स्टडी करने लगी अम्बर ऑडीशन के तैयारी देखने चला गया।
11:15 बजे ऑडिशन्स शुरू हो गए। हर मॉडल को कुछ लाइन्स दी गयी और उनको अपने तरीके से बोलना था। करीब 2:30 बजे गए ऑडिशन्स खत्म होते होते। अम्बर और धरा दोनो को ही ज़ोरों की भूक लग रही थी।
धरा अम्बर से बोली आज ट्रीट मेरी तरफ से मेरी फेवरेट जगह पर।
अम्बर ने कहा ओके।
दोनों बाहर आये अम्बर अपनी कार की तरफ जाने लगा। धरा ने कहा अरे कहाँ जा रहे हो आज गाड़ी भी मेरी ही होगी बैठो बैठो!!
अम्बर ठिठक से गया। क्या हुआ लडक़ी के पीछे बैठने में शर्म आती है???
नही नहीं वो बात नही है पर तुम्हारी स्कूटी फिर से खराब हो गयी तो??
अरे नही होगी और अगर हो भी गयी तो कैब है उससे आ जाएंगे वरी नॉट।
अम्बर मुस्कुराता हुआ धरा के पीछे बैठ गया। मुम्बई में पहली बार वो 2 व्हीलर में घूम रहा था। गर्मी से उसका बुरा हाल हो रहा था अचानक सड़क पे एक गड्डा आया धरा को ज़ोर से ब्रेक लगाना पड़ा। अम्बर ने उसके कंधे को ज़ोर से पकड़ लिया। धरा और अम्बर दोनो ही शर्मा गए। लगभग 20-22 मिनट बाद धरा उसे एक रेस्टुरेंट में ले गयी। रेस्टुरेंट वैसा रेस्टुरेंट नहीं जहां अम्बर खाया करता था। ना यहाँ ए सी था न फैंसी सजावट। केवल बेसिक फर्नीचर और भीड़ इतनी की उन्हें 10 मिनट वेट भी करना पड़ा।
तुम्हे पता है यहां का मिसल पाव बहुत फेमस है। किसी भी समय यहां आओ तुम्हे ऐसी ही भीड़ मिलेगी। धरा ने कहा।
आप अंदर जा सकते हो एक आदमी ने आकर उन लोगो से कहा। वो जैसे ही अंदर गए अम्बर ने बड़े ध्यान से होटल का इंटीरियर देखा सदा एक रंग का पेंट बेसिक कुर्सियां और सफेद सदा सी टेबल। सजावट के नाम पर रिसेप्शन के पास एक फिश एक्वेरियम भर था। गर्मी से अम्बर का बुरा हाल हो रहा था उसने पसीना पोछते हुए ऊपर देखा ए सी भी नही था। धरा समझ गयी अम्बर को गर्मी लग रही है। उसने मेन्यू कार्ड उठाया और हवा करने लगी। यहां ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा कहते हुए हँसने लगी। अम्बर भी मुस्कुरा दिया। दोनो ने मिसल पाव आर्डर किया। इतना अच्छा मिसल पाव अम्बर ने आज तक नही खाया था। बढ़िया खाना और मेन्यू कार्ड को हवा ने अम्बर का दिल खुश कर दिया।
दोनो वापस जाने लगे रास्ते मे अम्बर ने धरा से कहा थैंक यू।
किस लिए??
ट्रीट के लिए। सालों बाद मुझे अपने बचपन मे ले जाने के लिए। तुम्हे पता है काफी छोटा था तब मम्मी पापा के साथ ऐसे छोटे से होटल में खाने जाया करता था। फिर पैसा आया और शौक भी ऊंचे हो गए। पर आज यहां का खाना खा कर लगा बड़े बड़े होटलों का भी स्वाद फीका है इसके आगे।
मेरे साथ रहोगे तो ऐसे ही ऐश करोगे। कहते हुए धरा हंस दी।
अचानक से तेज़ बारिश होने लगी। धरा ने जल्दी जल्दी स्कूटी एक बस स्टैंड के पास पार्क की। अम्बर भी सर पर हाथ रखे हुए दौड़ता हुआ बस स्टैंड के शेड के नीचे आ खड़ा हुआ। धरा और अम्बर लगभग भीग ही चुके थे।
यार ये क्या था अभी इतनी गर्मी थी और अब एकदम से इतनी तेज बारिश!! अम्बर ने कहा।
ये मुम्बई है मेरी जान। यहां ऐसा ही होता है पल भर में धूप पल भर में बारिश देखना अभी कुछ देर में धूप भी निकल आएगा।
जैसा कि धरा ने कहा था थोड़ी देर में बरिश बंद हो गयी। दोनो वापस स्कूटी के पास गए। पर वहाँ पहुचने पैट देखा स्कूटी ले पास बहुत सारा पानी भर गया था। धरा अपना सलवार मोड़ने लगी।
अम्बर ने कहा रुको मैं निकाल देता हूँ स्कूटी।
तुम क्या निकलोगे तुम्हारे महंगे जूते खराब हो जाएंगे। मुझे ही करने दो।
धरा सलवार को घुटनों तक मोड़ कर स्कूटी निकाल कर कई फिर पास में ही एक पार्क था उसमें नल था उसके नीचे पैर धोये और बोली तो अब चले??
अम्बर बड़े ध्यान से धरा को देख रहा था उसके लिए ये सब बहुत अजीब था।
धरा ने पूछा क्या देख रहे हो मुझे आदत है मुम्बई की बारिश में हालत देखना सब जगह पानी पानी ऐसे ही जाते हैं हम आफिस। ये तो कुछ भी नही है कई बार तो घुटनों तक पानी भर जाता है।
हां टी वी पर तो देखा है मैंने।
अब यहां आ गए हो न प्रत्यक्ष भी देख लेना।
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रात को 9 बजे अम्बर घर मे अकेला था अक्सर रात को दिनभर की थकान मिटाने के लिए वो शराब का एक पेग लेता था। पर आज उसका मन नही कर रहा था आज जैसे उसे बिल्कुक भी थकान नही थी। रह रह कर उसे धरा का चेहरा दिखाई दे रहा था उसकी बातें याद आ रही थी। तभी फोन की घंटी ने उसे वर्तमान में ला दिया। फोन सुहाना का था।
हाय मेरे बच्चा कैसा है?? सुहाना ने चहकते हुए पूछा।
अम्बर ने बेमन से कहा ठीक हूँ तुम कैसी हो??
मैं एकदम बढ़िया। क्या कर रहे थे?? लेट मी गेस तुम अपना फेवरेट बीयर का ग्लास एन्जॉय कर रहे थे। है ना!!
नही आज मूड नही है।
क्या ??? वाट ?? मूड नही था मतलब जो इंसान बिना बीयर के न रहता हो आज उसका मूड नही है?? सब कुछ ठीक है?? कोई प्रॉब्लम है क्या??? वो डील जो तुम्हे मिली है उसको लेकर कोई परेशानी???
नही सुहाना एवेरी थिंग इस फाइन। और तुम्हे तो खुश होना चाहिए कि मैं बीयर नही पी रहा और तुम हो कि उल्टा शक किये जा रही हो??
नही मैं खुश हूं इट्स जस्ट थोड़ा सा शॉक्ड हूं। इतने सालों में तुम्हे कभी बिना बीयर पीए सोते नही देखा। खेर इट्स गुड़। खाना खाया??
बस खाने जा रहा हूँ।
क्या खा रहे हो??
मुम्बई के फेमस मिसल पाव। ऑनलाइन आर्डर किए।
क्या बात है बीयर नही पी रहे हो। नई नई डिशेज़ ट्राय कर रहे हो? कोई लड़की का चक्कर तो नही??
अम्बर एकदम सन रह गया 2 मिनट के लिए। अरे नहीं यार कुछ भी बोलती हो तुम अब तुम नही हो तो नई नई चीज़ों में खुद को बिजी रख रहा हूँ।
मिस कर रहे हो मुझे???
हां तुमसे कहा था चलो मेरे साथ पर तुम आई नही तो मिस ही करूँगा।
क्या करूँ यार आई लव यू। पर आई लव माई कैरियर टू। मेरा सब कुछ यही है न्यू जरसी में मैं वहाँ आ कर क्या करूंगी।
हम्म अच्छा सुनो मिसल पाव आ गया मेरा बाय!
बाय!
मिसल पाव अनपैक करते ही उसने धरा को उसकी फोटो खींच कर भेजी। गेस व्हाट आज डिनर में भी मिसल पाव!!
*****
कुछ ही दिनों के बाद एड के लिए मॉडल्स फाइनल हो जाती है और एड शूट होने लगता है। शूटिंग के दौरान धरा एक भी बार अम्बर के आफिस नही आती। जब एड की फाइनल शूटिंग हो जाती है तो अम्बर धरा को कॉल करता है ।
हाय आहू आहू खांसते हुए धरा ने फोन का जवाब दिया।
क्या हुआ???
कुछ नही सर्दी ज़ुखाम हल्का सा फीवर भी है। कहो क्यों फोन किया एड की शूटिंग खत्म हो गयी??
हां इसीलिए कॉल किया था मैं सोच रहा था तुम्हारे बॉस को दिखाने से पहले तुम देख कर बताओ कैसा है?? पर अब तो तुम्हारी तबियत खराब है!
अरे सर्दी ज़ुखाम ही तो है कोई मर थोड़ी न गयी हूँ जो एड नही देख सकती। मेल कर दो मुझे। आहू अहहू।
डॉक्टर को दिखाया??
अरे हल्का सा फीवर है डॉक्टर फालतू में 500 रुपये लेलेगा ठीक हो जाऊँगी।
अपना एड्रेस दो??
वाट क्यों??
तुम्हे फाइनल शूटिंग के वीडियो भी दिखा दूंगा और तुम्हारा इलाज भी कर दूंगा।
अरे नही नही इसकी जरूरत नही है।
हम दोस्त हैं ना तो दोस्तों में ये फॉर्मेलिटी कब से आ गयी। आ रहा हूँ मैं मुझे कुछ नही सुनना एड्रेस दीजिए जल्दी।
अच्छा मेसेज करती हूँ। मुस्कुराते हुए धरा ने कहा।
थोड़ी देर बाद अम्बर के फ़ोन पर धरा का मेसज आया।
*****
अम्बर धरा के घर पहुँचा। उसका घर एक मिडिल क्लास सोसाइटी में तीसरी मंजिल पे था। धरा ने उठ कर दरवाज़ा खोला गुलाबी रंग का लोवर और सफेद टी शर्ट में बहुत वीक लग रही थी वो। अम्बर जैसे ही अंदर आने लगा धरा ने पास में रखे शू रैक की तरफ इशारा करते हुए कहा जूते यही रख दो। अम्बर ने जूते उतारे और आगे बढ़ा। धरा का घर छोटा सा था पर बहुत सुंदर और साफ लग रहा था। हॉल में एक ऊंचा सा गद्दा रखा हुआ था उसपे राजस्थानी बेडशीट बिछी थी और ढेर सारे कुशन रखे हुए थे टेबल की जगह एक छोटा सा बक्सा रखा हुआ था जिसपे पीला रंग किया गया था। दीवार पर प्यारी सी पैंटिंग।खिड़की के पास एक छोटी सी टेबल और दो कुर्सियां रख धरा ने दिंनिंग एरिया बना रखा था। हॉल के बाहर बालकनी में एक आराम कुर्सी रखी हुई थी और ढेर सारे पौधे। एक छोटी सी गैलरी थी जिसकी बाई ओर किचन और दाई ओर बैडरूम था। उस गैलेरी में एक रैक दीवार में लगा हुआ था जिसमें भगवान रखे हुए थे। किचन में सुंदर सी लाइट लगी हुई थी और फ्रिज पर ढेर सारी मैगनेट लगी हुई थी। बैडरूम में एक क्वीन साइज बेड था जिसके ऊपर वाली दीवार पर एक फैमिली फोटोज का कोलाज लगा हुआ था और बगल में अलमारी उसी में शीशा लगा हुआ था। बीएड सामने एक स्टडी टेबल रखी थी। स्टडी टेबल वाली दीवार पर ढेर सारे मोटिवेशनल कोट्स लगे हुए थे। और साइड में बाथरूम था।
अम्बर घर देख कर बोला नाइस हाउस।
थैंक्यू किराए का है ।
पर समान तो तुम्हारा है। तबियत कैसी है??
ठीक है। चाय लोगे।
मुझे जो लेना होगा मैं खुद ले लूंगा। तुम आराम करो। फीवर चेक किया कितना है।
सुबह 103 था दवा लेली है तो अभी तो नही है।
क्या 103 ये तो बहुत होता है।
घबराओ मत ये मेरा नार्मल है या तो मैं बीमार पड़ती नही या फिर बहुत बीमार पड़ जाती हूँ।
हम्म। अच्छा ये देखो शूटिंग के वीडियो अम्बर लैपटॉप ऑन करते हुए कहता है मैं ज़रा किचन से आया।
किचन में क्यों कुछ चाहिए??
मुझे जो चाहिए होगा मैं ले लूंगा। तुम बीमार हो आराम करो।
पर तुम्हे समान कैसे मिलेगा ??
मैं सब ढूंढ लूंगा तुम बस अपनी जगह से हिलोगी नहीं।
अम्बर किचन में जाता है। थोड़ी देर बाद धरा को कुछ कूटने की आवाज़ आती है। क्या कर रहे हो तुम? धरा कमरे से ही आवाज़ लगती है। अम्बर भी किचन से ही आवाज़ लगता है वहीं बैठी रहो सब पता चल जाएगा।
थोड़ी देर बाद अम्बर हाथ मे एक कप लिए धरा के पास आता है और कहता है ये लो पियो इसे!!
क्या है ये??
काढ़ा!! देखना सर्दी यूं गायब हो जाएगी।
धरा बच्चो जैसी शक्ल बना कर कहती है यक मुझे नही पीना।
अम्बर हल्का डांटते हुए कहता है चुपचाप पियो!!
यार तुम तो मेरी मम्मी जैसे कर रहे हो।
मम्मी कहो या पापा काढ़ा पीना पड़ेगा इफ यू वांट टू गेट वेल सून।
बुरा से मुंह बना कर धरा काढ़ा पी कर कहती है। सारा टेस्ट खराब हो गया यार।
ये लो थोड़ी सी शक्कर टेस्ट ठीक हो जाएगा। मुस्कुराते हुए अम्बर कहता है।
दोनों दिन भर साथ रहे धरा ने शूटिंग की वीडियो देखी और उसमे जो कमियां थी वो बताई। फिर अम्बर ने उसके बैडरूम में लगे कोलाज के बारे में पूछा? धरा ने उसे अपने परिवार के बारे में बताया मम्मी पापा और मैं बस इतनी सी है हमारी फैमिली!!
कोई भाई बहन नही?? अम्बर ने पूछा ।
नही मैं इकलौती हूँ।
अरे वाह ऐश हैं तुम्हारे।
हां वो तो है लाडली हूँ मैं मम्मी पापा दोनों की।
तुम्हारी फैमिली में कौन कौन है?? धरा ने मुस्कुराते हुए पूंछा?
पापा, मम्मी एक बड़ा भाई और भाभी। मम्मी पापा दोनो ही वर्किंग है तो उनके पास ज़्यादा वक़्त नही रहता पर अपने भाई भाभी से मैं बहुत क्लोज हूँ। दोनो अमेरिका में रहते है ग्रेजुएशन मैंने उन्ही के पास रह कर खत्म किया।
ओके!
शाम होने को आई थी चलो अच्छा अब मैं चलता हूँ तुम अपना ध्यान रखना।
धरा ने अम्बर से कहा खाना खा कर जाना।
अम्बर ने कहा अरे परेशान मत हो तुम आराम करो!
ओह्ह! तो तुम सच मे जा रहे हो मुझे लगा काढ़े के बाद तुम्हारे हाथ का खाना भी मिलेगा आज!! आंख मारते हुए धरा ने कहा।
अच्छा हंसते हुए अम्बर ने उसके माथे पर हल्की सी चपत लगाई। उसे छूते ही अम्बर के होश उड़ गए उसका बदन बुखार से तप रहा था।तुम तो बहुत गर्म हो। थर्मामीटर कहाँ है बैठो इधर। धरा ने थर्मामीटर देते हुए अम्बर से कहा दवाई का असर खत्म हो गया होगा। अम्बर ने जब उसका बुखार नापा रो 103.6 था।
बाप रे इतना फीवर। चलो डॉक्टर के पास चलो।
अरे कुछ नही है ठीक जो जाऊंगी। आता है मुझे हमेशा ऐसा ही फीवर । सुबह तक एकदम ठीक हो जाएगा।
देखो फीवर को हल्के में नही लेना चाहिए लोग मर जाते है फीवर में ही डेंगू वगरह भी हो सकता है।चलो तुम डॉक्टर के पास चलो।
अच्छा अगर सुबह तक ठीक नहीं हुआ तो पक्का चलेंगे।
तुम बहुत ज़िद्दी हो। अच्छा चलो जाओ लेट जाओ मैं पानी लेकर आता हूँ दवाई खाओ अपनी।
तुम जा नही रहे??
कैसे जाऊ तुम्हे इतना तेज बुखार है।
दवाई खा कर धरा लेट गयी और अम्बर उसके माथे पर ठंडे पानी की पट्टी करने लगा। कुछ देर बाद उसका बुखार उतर गया। फिर भी अम्बर ने उसे उठने नहीं दिया । किचन में जाकर उसने उसके लिए खिचड़ी बनाई। दोनो ने खिचड़ी खाई धरा सो गई। अम्बर बाहर वाले कमरे में आकर अपने लैपटॉप पर कुछ काम करने लगा। अचानक बहुत तेज़ बारिश होने लगी और ज़ोर ज़ोर ने बादल गरजने लगे। बदल गरजने की आवाज़ से धरा की आंख खुली ।एकदम से लाइट भी चली गयी। धरा बहुत डर गई और चीख उठी। अम्बर मोबाइल की टोर्च से उसके पास गया। क्या हुआ धरा। धरा थोड़ी शर्मिंदा सी हो गयी कुछ नही वो एक्चुअली अंधेरे में मुझे डर लगता है। एकदम से फिर ज़ोर से बादल गरजा एयर धरा ने कस कर अम्बर का हाथ पकड़ लिया। अम्बर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा धरा ने शर्मा कर उसका हाथ छोड़ दिया।
जो लड़की कल तक मूझे मुम्बई की बारिश के बारे में ज्ञान दे रही थी आज उसी बारिश से डर रही है हंसते हुए अम्बर ने कहा।
बारिश से नही बादल से डर रही हूं।
हां हां वही। अम्बर की हंसी रुक ही नही रही थी।
सुबह जब धरा की नींद खुली तो खाने की बड़ी अच्छी खुशबू आ रही थी। वो जब उठ कर देखने गयी तो अम्बर किचन में चाय और पोहा बना रहा था।
वाह यार तुम तो सब बना लेते हो!! धरा ने आश्चर्यचकित होते हुए कहा।
अपने देश से दूर रहो और जब विदेशी खाना खा खा कर ऊब जाओ तो खाना बनाना सीखना ही पड़ता है। चलो ब्रश कर लो और टेस्ट करो।
धरा ब्रश करके आई और उसने पोहा टेस्ट किया बहुत ही अच्छा बना था और चाय भी बहुत बढ़िया बनी थी। रात भर से अब तक धरा को फीवर भी नही आया था। दोनो ने नाश्ता किया।
आई थिंक यू आर ओके नाउ। तो मैं चलता हूँ घर जाकर तैयार भी होना है आफिस में बहुत काम है। तुमने जो पॉइंट्स बातये है उस पर काम करके कल तुम्हे फाइनल वीडियो सेंड करता हूँ। कोई भी ज़रूरत हो जस्ट कॉल मी ओके। कहते हुए अम्बर ने अपना लैपटॉप बैग उठाया और चल दिया।
बाय!! धरा ने कहा।
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वो तो चला गया पर धरा के दिमाग से उसका खयाल नही गया। कितने प्यार से उसका ख़याल रखा। उसकी बातें। उसका वो काढ़ा बना कर देना सब उसे बार बार याद आ रहा था। धरा ने अपना लैपटॉप ऑन किया फ़ेसबुक खोला और अम्बर को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी।
अम्बर को भी कार चलाते वक्त धरा की ही याद आ रही थी। उसका साफ सुथरा घर। उसका बादल की गरज से डर जाना। घर आकर अम्बर जल्दी जल्दी तैयार हुआ और आफिस पहुँचा। सुबह से काफी बिजी रहा वो आज बहुत मीटिंग्स थी सब काम से जब लंच में फ्री हुआ तो मोबाइल चेक किया और पाया धरा की फ्रेंड रिक्वेस्ट थी। उसने फौरन उसे एक्सेप्ट किया और उसकी फ़ोटो देखने लगा। कुछ सोलो फोटोज़ थी , आड़े टेढ़े पोज़ बनाते हुए, कुछ मम्मी पापा के साथ और कुछ दोस्तों के साथ ये तो शायद नैना है इसकी शादी हो गयी उसने सोचा।
धरा भी सुबह से बार बार फोन चेक कर रही थी ऑयर अम्बर ने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नही की थी। खाना खा कर जब उसने फ़ोन उठाया तो अम्बर ने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली थी। उसने फौरन उसकी प्रोफाइल खोली। उसकी प्रोफाइल में सोलो फ़ोटो मुश्किल से थी सब दोस्तों के साथ ही थी वो भी सारे के सारे फिरंगी बस एक इंडियन लड़की नज़र आ रही थी। भैया भाभी के साथ एक फ़ोटो थी 3 साल पहले की दीवाली की। उसकी प्रोफाइल देखते देखते उसकी नज़र उसके बर्थडे पर पड़ी 3 दिन बाद उसका जन्मदिन आने वाला था।
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रात के 12 बजे थे अम्बर लगभग सो ही गया था। तभी उसका फ़ोन बजा। उसने फ़ोन उठाया
हैप्पी बर्थडे टू यू! हैप्पी बर्थडे टू यू डिअर अम्बर! सुहाना ने गाते हुए कहा।
ओह्ह थैंक्स क्या बात है इंडियन टाइम से विश किया तुमने मुझे। थैंक यू थैंक यू।
क्या कर रहे थे?
बस सोने लेट गया था।
ओके तो सो जाओ वी विल टॉक टुमॉरो। बाय।
सुहाना ने फ़ोन काट दिया। अगली सुबह अम्बर के लिए आम सुबह की तरह ही थी बस ऑफिस में सबने विश कर दिया और अम्बर ने समोसा खिला दिया सबको। दोपहर में घर वालों का फोन आ गया बाकी दिन भर वही काम। धरा को बहुत मिस किया आज क्योंकि और कोई दोस्त तो था नही पर उसे भी क्या पता कि आज मेरा बर्थडे है उसने सोचा और आफिस से घर चला गया।घर पहुँच कर दरवाज़ा बंद किया ही था कि घंटी बजी।उसने खोला तो सामने धरा खड़ी थी। लाल रंग की ड्रेस पहने बड़ी ही खूबसूरत लग रही थी आज।
हैप्पी बर्थडे ! तुम्हे क्या लगा तुम बताओगे नही तो मुझे पता नही चलेगा और तुम पार्टी से बच जाओगे??
अम्बर बहुत खुश हो गया उसके चेहरे में बड़ी सी स्माइल आ गई। तुम्हे कैसे पता चला लेकिन??
फ़ेसबुक! अब अंदर बुलाओगे या बाहर ही खड़े रहने दोगे।
ओह्ह सॉरी कम इन!!
अम्बर का घर साफ और मॉर्डन था। मंहगे रेकलाइनर सोफे बीच मे कांच की टेबल। 6 सीटर दिंनिंग टेबल दिंनिंग टेबल और टेबल के ऊपर सीलिंग से लटकती लंबी सी लाइट। ओपन मॉड्यूलर किचन सर्व सुविधा से जैसे माइक्रोवेव, ओ टी जी, फ्रिज, डिशवाशर से लैस। अंदर दो कमरे थे। एक कमरे को उसने आफिस स्पेस की तरह इस्तेमाल किया था काफी सारी बुक्स थी एक शेल्फ में और टेबल चेयर उस पर आफिस स्टेशनरी रखी हुई थी। दूसरे कमरे में बड़ा सा बेड था और उसके सामने वाली दीवार ऑयर 55 इंच का टी वी । टी वी के पास म्यूजिक सिस्टम रखा था और एक्स बॉक्स रखा था। कमरे काफी बड़े बड़े थे। घर मे दो बालकनी भी थी पर बिल्कुल खाली थी।
धरा के घर से बिल्कुल विपरीत था। नाइस हाउस धरा ने कहा।
थैंक्स। किराए का है!!
पर समान तो तुम्हारा है!!
हम्म!!
अच्छा सुनो तुम आराम से चेंज कर लो और अंदर ही रहना। एक सरप्राइज है तुम्हारे लिए जब तक मैं ना बोलू बाहर मत आना।
ये क्या मतलब है यार अपने ही घर मे कैद कर रही हो मुझे।
मैं ऐसी ही हूँ। जाओ और अंदर ही रहना।
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धरा जल्दी से अपनी स्कूटी से 2 बड़े थैले निकाल कर लाती है। अम्बर का पूरा घर धरा लाल और सफेद गुलाबकी पंखुड़ियों से सजा देती है। टेबल पर ज़मीन पर हर जगह गुलाब बिछा देते है । एक हैप्पी बर्थडे का बैनर वो उसके सोफे के पीछे लगा देती है। सफेद गुब्बारों को दीवारों पर लगा देती देती है। एक केक निकाल कर टेबल पर रख देती है और एक गिफ्ट भी केक के पास रख देती है।ढेर सारी मोमबत्तियां जला कर पूरे हॉल की लाइट बंद कर देती।
अब बाहर आ सकते हो।
अम्बर जब बाहर आता है तो देखता ही रह जाता है धरा तालियां बजाती हुए गाती है हैप्पी बर्थडे टू यू। उसके बाद वो केक काटता है और उसे खिलाता है। धरा लाइट्स ऑन करती है और गिफ्ट खोलने को कहती है।अम्बर गिफ्ट खोलता है उसमें एक घड़ी होती है धरा कहती है
दोबारा मैं कोई रिस्क नही लेना चाहती थी इसलिए आज खुद आकर ही कहती हूँ इस घड़ी की तरह मैं भी हर वक़्त तुम्हारे साथ रहना चाहती हूं। आई लव यू अम्बर हमेशा से तुम्हारे अलावा कोई और पसंद ही नही आया। जब ढंग से जानती नही थी तब भी तुम्ही पसंद थे। अब जब जान गई हूं तो अब तो और ज़्यादा पसंद आ गए हो। आई नो अभी ज़्यादा नही मिले है पर कभी कभी एक मुलाक़ात ही काफी होती है ये जानने के लिए कि सामने वाला तुम्हारे लिए सही है और कभी कभी सारी उम्र साथ रहने के बाद भी किसी से कोई कनेक्शन नही होता ।
देखो धरा आई डोंट नो वाट टू से। जब से तुम से मिला हूँ मैं दिन रात तुम्हारे बारे में ही सोचता रहता हूं। जब तुम्हारे साथ रहता हूं वक़्त का पता नही चलता। तुम्हारी आदत सुबह की चाय जैसी हो गयी है। तुम न मिलो या तुमसे बात न हो तो सुबह अधूरी सी लगती है। पर कुछ है जो मैं तुम्हे बताना चाहता हूं।
क्या???
देखो ध्यान से सुनना और पूरी बात सुने बैगर कुछ मत कहना।
ह्म्म्म
देखो धरा....
अचानक से घंटी बजती है।अम्बर जाकर देखता है।
सरप्राइज! हैप्पी बर्थडे माय लव!! सुहाना ने चहकते हुए कहा और अम्बर के गले लग गयी।
अम्बर जड़ सा खड़ा रह जाता है । उससे कुछ कहते ही नही बन रहा था। तभी सुहाना की नज़र धरा पर पड़ी।
ओह आई थिंक तुम्हारी तो पार्टी चल रही थी। नाइस डेकोरेशन कौन है ये??
अम्बर ने कहा ये धरा है मेरी स्कूल फ्रेंड और धरा ये....ये...
हाय आई एम सुहाना अम्बर की गर्लफ्रैंड।
ओह ओके इससे ज़्यादा धरा से कुछ कहा नही गया। शौक़ में थी वो।
तुमने बताया नही अम्बर तुम्हारी यहां कोई स्कूल फ्रेंड भी रहती है?
भूल गया होगा मुझे भी अम्बर ने कहां बताया कि उसकी गर्लफ्रैंड है!! धरा ने कहा।
अभी तुम्हे इसी के बारे में बताने जा रहा था झेंपते हुए अम्बर ने कहा।
हम्म तो कितना टाइम हो गया तुम दोनों को एक साथ ??? धरा ने पूछा।
3 साल इन रिलेशनशिप। 1.5 साल लिवइन रिलेशन में और 6 महीने लांग डिस्टेंस रिलेशनशिप को।
ओके, धरा ने कहा।
वेल अम्बर मैंने हम दोनों के लिए होटल ताज में टेबल बुक कराई थी मुझे पता होता यू आर हैविंग गेस्ट तो इसके लिए भी बुक करा लेती टेबल।पर तुम चलो धरा वी विल टॉक टू होटल स्टाफ एंड अरेंज फ़ॉर यू।
नही नही तुम लोग जाओ। मैं कबाब में हड्डी बन कर क्या करूंगी, धरा ने कहा।
टेबल ही तो बुक की है कैंसिल करने को बोल दो यही कुछ आर्डर कर देते है और साथ सेलिब्रेट करते हैं! अम्बर ने कहा।
नही नहीं तुम लोग सेलिब्रेट करो आई विल गो।
वेट ठीक ही तो कह रहा है अम्बर अभी तो टाइम है बुकिंग कैंसिल भी हो जाएगी। बात करती हूं।सुहाना होटल में कॉल करती है और बुकिंग कैंसिल हो जाती है।
अम्बर ऑनलाइन खाना आर्डर करता है। सुहाना चेंज करने चली जाती है। धरा की आंखों में ढेर सारे सवाल थे और आंसू लिए वो अम्बर की तरफ देख रही थी।
लुक धरा आई एम सॉरी। पर मैं तुम्हे अभी सुहाना के बारे में ही बताने जा रहा था। लुक आई डोंट नो वाट टू से। मतलब तुम बहुत अच्छी हो इतने देश घूमा हूं इतने लोगों से मिला हूँ कभी किसी के साथ इतना सिंपल और अच्छा नही लगा जितना तुम्हारे साथ लगता है। पर...
आई उंडेरस्टैंड 3 साल बहुत होते हैं। मुझे तो तुम्हारी 1 महीने में ही आदत पड़ गई धरा ने कहा।
तभी सुहाना कपडे चेंज करके आ गयी और खाना भी आ गया। स्टार्टर्स निकालते हुए सुहाना बोली ड्रिंक्स एनीवन??
मैं नहीं पीती धरा ने कहा।
वाट ?? एक सिप पी कर तो देखो अच्छी नही लगे तो छोड़ देना कहते हुए सुहाना ने 3 ग्लास ड्रिंक बनाती है और म्यूजिक ऑन कर देती है। चियर्स कहते हुए उसने एक सिप लिया और अम्बर के साथ डांस करने लगी।
धरा को उसे अम्बर के साथ देख बहुत जलन हो रही थी। गुस्से में वो पूरे ग्लास की शराब एक बार मे ही पी जाती है। उसके बाद 2 ग्लास शराब और पी लेती है। जिससे उसे शराब चढ़ जाती है। अम्बर उसके हाथ से ग्लास छुड़ाता है और उसे अपने कमरे में ले जाकर सुला देता है। जैसे ही वो जाने लगता है धरा नशे में उसका हाथ पकड़ लेती है और कहती है अम्बर आई लव यू। कबसे प्यार करती आ रही हूं तुम्हे पर क्यों किया तुमने ऐसा मेरे साथ।
अम्बर प्यार से उससे हाथ छुड़ाता है और उसके माथे पर एक किस करके उसे चादर ओढ़ा कर बाहर आ जाता है।
इस शी ओके?? सुहाना ने पूछा।
हां पहली बार पी है वो भी इतनी सारी सुबह तक ठीक हो जाएगी।
अजीब है यार तुम्हारी दोस्त पहले बोली पीती नही हूँ फिर इतनी सारी पी गयी।
अम्बर बस मुस्कुरा दिया।उस रात सुहाना ने बहुत सी बातें कहीं पर अम्बर ज़्यादातर चुप ही रहा।
*****
सुबह जब धरा उठी तो उसका सिर दर्द से चकरा रहा था। उसने देखा उसके साथ सुहाना सो रही थी। वो चुपचाप उठी और बाहर आई। बाहर अम्बर कॉफी बना रहा था।
गुड मॉर्निंग कैसा लग रहा है??
ठीक बस थोड़ा सर दर्द है।
ये लो स्ट्रांग कॉफी पी लो यू विल फील बेटर।
धरा कॉफी पीकर अपने घर को चली जाती है।
********
घर पहुँच कर धरा बिस्तर पर लेट जाती है और रोने लगती है। उसे बार बार अम्बर का उसे दवाई खिलाना आज कॉफी पिलाना याद आता है। रोते रोते वो भगवान के पास गई क्यों हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों। बचपन से आजतक केवल एक ही लड़का पसंद आया। उसी के लिए मन्नतें मांगी आपसे पर हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों??? जब मिलाना नही था तो उसे मेरी ज़िंदगी मे लाये ही क्यों??? और अगर लाये थे तो मिलाया क्यो नही???
तभी उसके पास नैना का फ़ोन आता है वो रोते रोते फ़ोन उठाती है। हेलो...
क्या हो गया धरा सब ठीक तो है??
कुछ भी ठीक नही है यार बचपन से आजतक केवल एक ही लड़का मुझे पसंद आया वो है अम्बर। कल उसका बर्थडे था मैंने उसके घर गयी उसे सरप्राइज देने पर मुझे ही सरप्राइज मिल गया उसकी गर्लफ्रैंड है यार।
देख मैंने तो तुझसे पहले ही कहा था दूर रहियो उससे। दुनिया घूम चुका है तेज़ होगा।
नही यार वो तेज़ नही है वो बहुत अच्छा है।
अच्छा है तो अब तक तुझे गर्लफ्रैंड के बारे में क्यों नही बताया।
वो कल बताने ही वाला था।
सुन जब चोरी पकड़ी जाती है तो सब ऐसे ही बोलते हैं बताने वाला था तो अब तक क्यो नही बताया। वो सब जनता था तू उसे पसंद करती है फिर भी छुपाया।
उसे नही पता था कि मैं उसे पसंद करती हूं।
तू रहने दे लड़के सब समझ जाते हैं। अब सुन अब रोना बंद कर जो होता है अच्छे के लिए ही होता है अच्छा हुआ अभी पता चल गया मान ले तुझ से अफेयर चला लेता बाद में तुझे पता चलता तो और हर्ट होता।
नही वो ऐसा नही है उसकी गर्लफ्रैंड थी तभी वो हमेशा अपनी लिमिट में ही रहता था।
सुन ये लड़के ऐसे ही होते हैं। शुरू में सब अच्छे बनने का नाटक करते है पर दिल से सब कमीने होते हैं। सबको दोनों हाथ मे लड्डू चाहिए।
धरा कुछ नही बोलती।
देख अब जो हुआ सो हुआ अब उससे थोड़ा दूर ही रहना। प्रोजेक्ट कितना बचा है???
बस कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा।
तो बस अपने काम पर ध्यान दे उतनी ही बात कर उससे जितना ज़रूरी है। चल मान भी लें वो कमीना नही है फिर भी गर्लफ्रैंड तो है ना। तेरा तो कोई सीन है नही तो क्यो उससे ज़्यादा बात करके खुद को तकलीफ देना। देख तेरी किस्मत में जो होगा न खुद ही मिल जाएगा उसके लिए मेहनत नही करनी पड़ेगी। जैसे मुझे राज मिल गया और अब तो तू मौसी भी बनने वाली है!!
सच्ची बधाई हो कब है ड्यू डेट??? कौन सा महीना चल रहा है???
चैथा ...जनवरी में ड्यू है।
ओके!!
यही बताने के लिए कॉल किया था अब रखती हूं।सुन अपना ख्याल रखना और उस लड़के से दूर ही रह। बाय!!
हम्म तू भी अपना ख्याल रखना!!
जब दिल टूटता है तो अक्सर हम सामने वाले में ऐब ढूढना चाहते है जिससे हमें उससे नफरत करने की वजह मिल जाये और हम उसे भूल जाएं। धरा ने भी इसी वजह से नैना की बातों पर यकीन करना बेहतर समझा कि अच्छा हुआ जो टाइम से पता चल गया नही तो अब तक तो उसने बताया नही था।
*******
सुहाना 1 हफ्ते के लिए इंडिया आयी थी। अम्बर ने भी 1 हफ्ते की छुट्टी लेली जिससे सारा समय उसके साथ रह सके। वो उसके साथ था पर दिल उसके साथ नही था। अम्बर सुहाना को आस पास की जगह घुमाने ले गया साथ खाना खाता बाते करता पर जब भी वो खाना खाते उसे धरा के साथ खाना खाना याद आता। जब भी मुम्बई में बारिश होती उसे धरा की याद आती। सुहाना उसका हाथ पकड़ती उसे धरा का उस रात नशे में उसका हाथ पकडना याद आता। उसकी कही गयी वो बात " कभी कभी एक मुलाक़ात ही काफी होती है ये जानने के लिए कि सामने वाला तुम्हारे लिए सही है और कभी कभी सारी उम्र साथ रहने के बाद भी किसी से कोई कनेक्शन नही होता । " उसे बार बार याद आती क्या धरा ठीक कह रही थी। रिश्ते समय से नही बनते। क्या मुझे भी धरा से प्यार हो गया है। पर फिर सुहाना का क्या। दिन रात उसके ज़ेहन में ये सवाल घूमते रहते। वो सुहाना के साथ होते हुए भी उसके साथ नही था। सुहाना को भी इस दूरी का एहसास था।
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सुहाना मॉर्डन और इंडिपेंडेड लड़की थी। उसके माता पिता इंडिया से थे पर वो हमेशा से अमेरिका में ही रही। आफिस में उसकी मुलाकात अम्बर से हुई। वो वहां इंटर्नशिप करने आई थी। उसने ब्राउन और हरे रंग से उसने अपने बाल कलर कराए थे।उसके हाथ पे और गर्दन पे टैटू बने हुए थे। पर क्योंकि वो इंडियन थी इसीलिए अम्बर उसके साथ कम्फ़र्टेबल महसूस करता था। सुहाना बहुत ही कॉन्फिडेंट लड़की थी इसीलिए अम्बर को अच्छी लगती थी। उसी ने अम्बर को प्रोपोज़ भी किया था। सुहाना को अम्बर इसीलिए पसंद था क्योंकि वो बहुत केयरिंग था उसके मोम डैड वर्किंग थे इसीलिए शायद वो वर्किंग गर्ल को अच्छे से समझता था। 1.5 साल लिव इन मे रहने के बाद दोनों शादी करना चाहते थे। पर जब अम्बर ने वापस इंडिया जाने की बात कही सुहाना नही मानी बोली मेरा सब कुछ यही है जॉब भी परिवार भी मैं नही आ सकती। अम्बर ने उसकी वजह से 2 इंडियन कम्पनीज के जॉब आफर ठुकरा दिए। पर जब उसकी खुद की कंपनी ने उसे मौका दिया तो उसने मना नही किया उसने सुहाना को समझाया जैसे तुम्हारा सब कुछ यहां है मेरा भी सब कुछ इंडिया में है परिवार बचपन की यादें। तुम चलो मेरे साथ वही जॉब कर लेना मम्मी पापा के साथ तो तुम अब भी नहीं रहती मिलने आएंगे ना हम हर साल मेरा भाई भी तो यही हैं। सुहाना नही मानी। उसका मानना था इंडिया में क्या है गरीबी। तभी लोग इंडिया छोड़ कर यहां आते हैं ना ऐसे घर है ना ऐसी इलेक्ट्रॉनिक सुविधाएं। सालों पुरानी एजुकेशन आये दिन क्राइम होते है और सबसे बड़ी बात यहाँ उसे सैलरी डॉलर में मिल रही थी वहां रुपए में मिलेगी । सुहाना ने अम्बर से कहा तुम जाओ कुछ दिन रहो तुम्हें खुद ही समझ आएगा इंडिया में अब कुछ नही रखा। जो लाइफ यहाँ है वहां नही मिल सकती और जब तुम्हे ये समझ आ जाये तो वापस अपना ट्रांसफर यहां करा लेना। काफी बहस के बाद अम्बर अकेला ही इंडिया आ गया।
जब अम्बर यहाँ आया उसकी मुलाकात धरा से हुई। जो डॉलर और इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओ की बात नही करती थी। उसे बारिश में भीगना पसंद था छोटे छोटे रेस्टुरेंट में खाना पसंद था।जिसे इंडिया में कमियां नज़र नहीं आती थी। जिसे बालों को रंगने से मतलब नहीं था बल्कि बालों को खोलकर वो हवा को महसूस करना जानती थी। धीरे धीरे पता ही नही चला अम्बर को कब वो पसंद आ गयी। जब समझ आया तो अब ये समझ नही आ रहा था कि क्या किया जाए। एक तरफ सुहाना थी जिसके साथ 3 साल से था पर शायद कई बातों को लेकर दोनों जुदा थे। दूसरी तरफ धरा थी जिससे मिले हुए अभी एक महीना ही हुआ था पर लगता था सालों से एक दूसरे को जानते हैं। पर क्या गारंटी कल को किसी बात पे धरा से मत भेद न हों। ऐसे किसी को केवल इसी बात पे तो छोड़ा नही जा सकता ना। अम्बर को कुछ भी समझ नही आ रहा था।
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घर पहुँच कर धरा बिस्तर पर लेट जाती है और रोने लगती है। उसे बार बार अम्बर का उसे दवाई खिलाना आज कॉफी पिलाना याद आता है। रोते रोते वो भगवान के पास गई क्यों हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों। बचपन से आजतक केवल एक ही लड़का पसंद आया। उसी के लिए मन्नतें मांगी आपसे पर हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों??? जब मिलाना नही था तो उसे मेरी ज़िंदगी मे लाये ही क्यों??? और अगर लाये थे तो मिलाया क्यो नही???
तभी उसके पास नैना का फ़ोन आता है वो रोते रोते फ़ोन उठाती है। हेलो...
क्या हो गया धरा सब ठीक तो है??
कुछ भी ठीक नही है यार बचपन से आजतक केवल एक ही लड़का मुझे पसंद आया वो है अम्बर। कल उसका बर्थडे था मैंने उसके घर गयी उसे सरप्राइज देने पर मुझे ही सरप्राइज मिल गया उसकी गर्लफ्रैंड है यार।
देख मैंने तो तुझसे पहले ही कहा था दूर रहियो उससे। दुनिया घूम चुका है तेज़ होगा।
नही यार वो तेज़ नही है वो बहुत अच्छा है।
अच्छा है तो अब तक तुझे गर्लफ्रैंड के बारे में क्यों नही बताया।
वो कल बताने ही वाला था।
सुन जब चोरी पकड़ी जाती है तो सब ऐसे ही बोलते हैं बताने वाला था तो अब तक क्यो नही बताया। वो सब जनता था तू उसे पसंद करती है फिर भी छुपाया।
उसे नही पता था कि मैं उसे पसंद करती हूं।
तू रहने दे लड़के सब समझ जाते हैं। अब सुन अब रोना बंद कर जो होता है अच्छे के लिए ही होता है अच्छा हुआ अभी पता चल गया मान ले तुझ से अफेयर चला लेता बाद में तुझे पता चलता तो और हर्ट होता।
नही वो ऐसा नही है उसकी गर्लफ्रैंड थी तभी वो हमेशा अपनी लिमिट में ही रहता था।
सुन ये लड़के ऐसे ही होते हैं। शुरू में सब अच्छे बनने का नाटक करते है पर दिल से सब कमीने होते हैं। सबको दोनों हाथ मे लड्डू चाहिए।
धरा कुछ नही बोलती।
देख अब जो हुआ सो हुआ अब उससे थोड़ा दूर ही रहना। प्रोजेक्ट कितना बचा है???
बस कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा।
तो बस अपने काम पर ध्यान दे उतनी ही बात कर उससे जितना ज़रूरी है। चल मान भी लें वो कमीना नही है फिर भी गर्लफ्रैंड तो है ना। तेरा तो कोई सीन है नही तो क्यो उससे ज़्यादा बात करके खुद को तकलीफ देना। देख तेरी किस्मत में जो होगा न खुद ही मिल जाएगा उसके लिए मेहनत नही करनी पड़ेगी। जैसे मुझे राज मिल गया और अब तो तू मौसी भी बनने वाली है!!
सच्ची बधाई हो कब है ड्यू डेट??? कौन सा महीना चल रहा है???
चैथा ...जनवरी में ड्यू है।
ओके!!
यही बताने के लिए कॉल किया था अब रखती हूं।सुन अपना ख्याल रखना और उस लड़के से दूर ही रह। बाय!!
हम्म तू भी अपना ख्याल रखना!!
जब दिल टूटता है तो अक्सर हम सामने वाले में ऐब ढूढना चाहते है जिससे हमें उससे नफरत करने की वजह मिल जाये और हम उसे भूल जाएं। धरा ने भी इसी वजह से नैना की बातों पर यकीन करना बेहतर समझा कि अच्छा हुआ जो टाइम से पता चल गया नही तो अब तक तो उसने बताया नही था।
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आज रविवार था सुहाना की आज शाम की फ्लाइट थी। सुबह सुहाना अम्बर से जल्दी उठ गई और उसके फेवरेट आलू के परांठे की तैयारी कर ली। जब अम्बर उठा तो उसे गर्मा गरम परांठे चाय के साथ सर्व किए।
क्या बात है जाने से पहले का प्यार है ये! अम्बर ने कहा परांठे खाते हुए कहा।
हम तो तुमसे हमेशा ही प्यार करते हैं तुम ही बेवफा हो गए।
क्या मतलब अम्बर ने चौंकते हुए पूछा।
मतलब ये जब से इंडिया आये हो बदले बदले से नज़र आ रहे हो। मेरे साथ होते हुए भी तुम मेरे साथ नही हो। आखिर बात क्या है?? कहीं इन सब की वजह तुम्हारी वो फ्रेंड धरा तो नही???
अम्बर सकपका गया। नही नही ऐसा तो कुछ नही है तुम गलत समझ रही हो।
3 साल से जानती हूं तुम्हें इतना तो जान ही गयी हूँ कि कब तुम मेरे साथ हो और कब नहीं। मैंने सोचा तुम्हे बर्थडे पर सरप्राइज दूंगी पर तुम उस दिन सरप्राइजड कम और शौकड ज़्यादा लग रहे थे। इतने महीनों बाद हम मिले थे पर तुम्हारे चेहरे पर कोई ख़ुशी नही थी। हफ्ते भर से साथ हूं पर देख रही तुम खोए खोए से रहते हो। आखिर बात क्या है?? देखो अम्बर मैं एक इंडिपेंडेड स्ट्रांग लड़की हूँ कोई ड्रामा क्वीन नहीं कि तुम मुझे छोड़ कर जाओ और मैं रोने धोने लगूं। हां दुख तो होगा पर ये जबरदस्ती रिलेशनशिप में रहने से तो अच्छा ही होगा। जब कोई साथ होकर भी साथ नही हो तो इससे अच्छा तो वो पूरी तरीके से ही दूर हो जाये।
एक गहरी सांस लेते हुए अम्बर ने कहा पता नही सुहाना। तुमने कहा था इंडिया जाओ कुछ दिन बाद तुम्हे खुद समझ आ जायेगा वहां कुछ नहीं है। पर मुझे यहाँ कोई प्रॉब्लम नज़र नही आ रही। तो तुम बताओ अब क्या क्योंकि मैं वापस नही आना चाहता।
क्यो??? धरा मिल गयी इसीलिए??
सी धरा मुझे अच्छी लगती है पर इसका ये मतलब नही मैं तुम्हे उस के लिए छोड़ दूं। तुमसे अच्छी बहुत हैं तुम से कम भी बहुत है । किसी के लिये किसी को छोड़ा नही जा सकता।मैं उसके पास नही जा रहा पर तुम्हे अपने पास बुला रहा हूँ।
सो इस दाट योर फाइनल डिसिशन? तुम वापस नही आ रहे??
हां!!!
आई थिंक हम दोनो लाइफ से अलग अलग चीज़े चाहते हैं।आई डोंट थिंक मैं तुम्हारे साथ इस छोटे से घर मे इतनी क्राउडेड जगह में रह सकती हूं। प्लस आई कैंट मैच टू योर धरा टू। उसने जो डेकोरेशन वगैरह किया ये मेरी बस की बात नही है। आई थिंक यू आर मेड फ़ॉर धरा।
सी इट्स नॉट अबाउट धरा!!
नो इट इस अबाउट धरा। पूरी तरीके से नही तो 50% वही जम्मेदार है इन सब के लिए। अगर अब हम इस रिश्ते में रहे तो दोनों कोम्प्रोमाईज़ ही करेंगे। तुम धरा को छोड़ोगे मैं अपने देश को। और कोम्प्रोमाईज़ करके इंसान खुश नही रह सकता। इट्स बेटर वी ब्रेक उप नाउ।
उस दिन शाम की फ्लाइट से सुहाना अमेरिका चली गयी।
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अगले दिन जब अम्बर आफिस गया धरा अपनी टीम के साथ फाइनल प्रेजेंटेशन देखने आई थी। टीम को प्रेजेंटेशन बहुत पसंद आई। अम्बर धरा से बात करना चाहता था पर धरा सारे टाइम टीम के साथ ही रही और अम्बर को इग्नोर करती रही। कुछ ही दिनों में प्रोजेक्ट ख़त्म हो गया इस दौरान धरा और मबर कुछ 3-4 बार मिले पर हर बार धरा अम्बर से दूर ही रही। उससे बचने के किये वो अक्सर भीड़ में ही रहती। अम्बर उसे चाय या खाने के लिए पूछता तो वो बहाने बना देती।
प्रोजेक्ट ख़त्म हुए 2 हफ्ते हो चुके थे अब तो धरा से मिलने का कोई बहाना नहीं बचा था। अम्बर को उसकी बहुत याद आ रही थी। एक दिन शाम को करीब 7 बजे धरा के घर की घंटी बजी देखा तो सफेद शर्ट और नीले पेंट में अम्बर गुलाब का गुलदस्ता लिये खड़ा था।धरा ने उसे अंदर आने को कहा।धरा ने उस दिन आसमानी रंग का कुर्ता सलवार पहन रखा था । अम्बर कुछ पलों के लिए उसे देखता रह गया फिर अपने घुटनों पर बैठ गया।
मैंने बहुत सोचा तुम सही थीं कभी कभी एक मुलाक़ात ही काफी होती है ये जानने के लिये कि सामने वाला हमारे लिए सही है या नही। और आज मैं ये जान गया हूं कि तुम ही मेरे लिए सही हो। आई लव यू धरा! अम्बर ने कहा।
वाट और सुहाना का क्या???
काफी समय से मैं इंडिया वापस आना चाहता था और वो नहीं। इस बात को लेकर हमारे बीच काफी समय से प्रॉब्लम चल रही थी। जब इस बार मैंने उससे फाइनली पूछा कि मैं यहीं रहना चाहता हूं तुम आओगी यहाँ। उसने मना कर दिया और हमने म्यूचली ब्रेक उप कर लिया।
वाह क्या बात है 3 साल का रिलेशनशिप एक छोटी सी बात पर खत्म कर दिया। और 3 साल के इस रिलेशनशिप के टूटने का तुम्हे ज़रा भी गम नहीं है ब्रेक अप होते ही तुम मुझे प्रोपोज़ करने चले आये। कल को मैं तुम्हारी कोई बात नहीं मानूगी तुम मुझे छोड़ कर चले जाओगे। नैना सही कहती है तुम्हारे बारे में तुम भरोसे के लायक नहीं हो!!
वाट यार ये नैना कैसे मुझसे बात किये बिना मुझे इतने अच्छे से जानती है जो हर बार मेरे बारे में तुम्हे ज्ञान देती रहती है। स्कूल टाइम में भी तुमने इसकी बातों में आकर सब कुछ खराब कर दिया था और अब भी इसकी बातों में आकर सब कुछ खत्म कर रही हो। और सी ये कोई छोटी सी बात नही थी दो दो अलग अलग देशों में रह कर कुछ साल रिलेशनशिप में रह सकते हैं ज़िंदगी भर नहीं।
क्यो नही प्यार अच्छा हो तो देशों की दूरी मायने नही रखती।
ओह्ह कम ऑन ये सिर्फ किताबी बातें है धरा और हम क्यों इस बात को लेकर साफ रहे हैं? तुम तो इसी देश मे हो ना!!
आज हूं कल को विदेश चली गयी तो??
कल की कल देखी जाएगी कुछ सोचेंगे।
क्या सोचेंगे ?? तुम मुझे भी इसी तरह छोड़ दोगे। आई नो।
उफ्फ धरा तुम भी न क्या बातें लेकर बैठ गयी हो। लिसेन आई मिस यू एंड आई लव यू। मेरी आँखों मे आंखे डाल कर कहो तुम्हें मुझसे प्यार नहीं। धरा को पकड़ते हुए अम्बर कहता है।
धरा 1 सेकंड उसकी आँखों मे देखती है फिर नज़र हटाते हुए कहती है पहले था पर अब नही है।
ठीक है जो तुम्हारा फैसला हो मुझे मंजूर है कहते हुए अम्बर वहां से चला जाता है और वो फूल वही छोड़ जाता है।
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धरा की माँ उसे कुछ और लड़कों की तस्वीरें भेजती है। धरा उन लड़कों से मिलने के लिए तैयार हो जाती है। पर जब भी वो किसी लड़के से मिलती उसे बस अम्बर की ही याद आती। वो सबकी अम्बर से ही तुलना करती पर उसे कोई भी न तो अम्बर जैसा मिला न उससे अच्छा। रोज़ धरा उसे याद करके रोती और सोचती क्या उसने उसे ना कहकर कुछ गलत किया। खुद ही सवाल करती खुद ही जवाब देती कि नहीं ठीक किया ऐसे लड़को का क्या भरोसा।
उधर अम्बर धरा को चाह कर भी भूल नही पा रहा था। उसकी याद न आये इसिलए अम्बर ने जिम जॉइन कर लिया। आफिस से आकर 2 घंटे जिम में बीतता ताकि बिजी रहे क्योंकि जब भी खाली होता उसे बस धरा की याद आती।
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3 महीने बाद
दीवाली आने वाली थी । इंडिया में दीवाली ऐसा त्योहार है जिसे ज़्यादातर सब अपने परिवार के साथ मनाना चाहते हैं और अम्बर ने तो सालों से ये त्योहार आने मम्मी पापा के साथ नहीं मनाया था। इसलिए वो घर जाने के लिए बहुत एक्ससाइटेड था। उसने 1 महीने पहले ही फ्लाइट की टिकट करा ली थी।
अक्टूबर का महीना था हल्की हल्की सर्दी पड़ने लगी थी। अम्बर पीले रंग की स्वेटशर्ट और नीला जीन्स पहन कर एरपोर्ट में टिकट वाली लाइन में खड़ा था। अचानक उसकी नज़र बाजू वाली लाइन पर पड़ी। सफेद टी शर्ट और काले जीन्स में धरा खड़ी थी। धरा को जीन्स में पहली बार देखा था अम्बर ने काफी सुंदर लग रही थी। धरा की भी नज़र उस पर पड़ी। अम्बर ने कहा हाय क्या तुम भी घर जा रही हो?? यप धरा ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। इसके बाद उसने कोई बात नही की बस नज़र चुरा कर छुप छुपकर वो अम्बर को देखती रही। कभी लाइन में मोबिल देखने के बहाने तो कभी वेटिंग एरिया में कुर्सियों के बीच से।
फ्लाइट आ चुकी थी बोर्डिंग चालू हो गयी। अम्बर की सीट का नंबर था 9 वो जा कर अपनी सीट पर बैठ गया उसके बाद धरा अपनी सीट ढूंढती हुई आयी उसकी सीट का नंबर था 10। अम्बर को बाजू वाली सीट में पा कर वो थोड़ा हिचकिचाई पर फ्लाइट फुल थी तो उसी के बगल में उसे बैठना पड़ा। कुछ ही देर में फ्लाइट ने टेक ऑफ किया। जैसे ही फ्लाइट उड़ने लगी धरा ने आंखे भीच ली और डर के कारण कसकर अम्बर का हाथ पकड़ लिया। अम्बर उसे देख कर मुस्कुराता रहा। जब फ्लाइट ने टेक ऑफ कर लिया धरा ने अपनी आंखें खोली तो उसने देखा अम्बर उसे देख कर मुस्कुरा रहा था। उसे मुस्कुराता देख धरा का ध्यान अपने हाथ पर गया और उसने अम्बर का हाथ तुरंत छोड़ दिया।
हम्म तो बादल के अलावा तुम्हे फ्लाइट से भी डर लगता है??
धरा मुस्कुरा दी।
और वैसे ये जब भी तुम्हारा दिल टूटता है ये लुक चेंज करना कंपल्सरी है क्या??
वाट डू यू मीन??
स्कूल में दिल टूटा था तो बाल कटवा लिए थे और अब दिल टूटा है तो जीन्स पहनने लगी??
एक मिनट एक मिनट सुनो मेरा कोई दिल नही टुटा है तुम भूल रहे हो इस बार मैंने तुम्हें रिजेक्ट किया है तुमने मुझे नहीं। और रही बात जीन्स की तो मेरी मर्ज़ी आजकल तो सभी पहनते हैं।
हां लेकिन तुम आजकल की लड़कियों सी कहाँ हो? आजकल की लड़कियां किसी लड़के केलिये व्रत कहाँ रखती है?आजकल की लड़कियां किसी लड़के के लिए कहाँ मन्नते मांगती हैं?? आजकल की लड़कियां की लड़कियां कहाँ लड़के को आगे से प्रोपोज़ करती हैं??आजकल की लड़कियां कहाँ सस्ती चीज़ों में खुश हो जाती हैं??तुम अगर आजकल की लड़की होती तो तब से छुप कर मुझे ना देख रही होती।
धरा से कुछ न कहा गया और वो शर्मा गयी।
जब से मिली हो साफ समझ आ रहा है कि तुमने भी मुझे उतना ही मिस किया है जितना मैंने तुम्हें। प्यार करती हो मुझसे ये साफ साफ तुम्हारी आँखों मे दिख रहा है। जब प्यार है तो क्यों खुद को और मुझे तक़लीफ दे रही हो धरा??
धरा चुप थी उसे समझ नही आ रहा था क्या बोले।
बहुत हुआ ये प्रोपोज़ प्रोपोज़ आई लव यू एंड आई मिस्ड यू आ लॉट ये कहते हुए अम्बर धरा की तरफ मुड़ा और उसके होंठों को किस करने लगा। धरा भी खुद को रोक नही पाई और उसे किस करने लगी। किस करते हुए धरा ने अम्बर से कहा आई लव यू अम्बर। थैंक गॉड तुमने कहा तो!! सुनो अब मैं कोई और रिस्क नही लेना चाहता दीवाली पर दोनो ही घर जा रहे हैं । तैयार रहना इस बार घर वालो के साथ तुम्हारे घर आकर तुम्हे हमेशा हमेशा के लिए अपना बना लूंगा इससे पेहले नैना तुम्हे कोई और ज्ञान दे। धरा और अम्बर दोनो ही हँसने लगते हैं।
बस इतनी सी थी ये कहानी। दोस्तों आपको कहानी कैसी लगी कमेन्ट में ज़रूर बताइयेगा। अगर आपको मेरी लेखनी पसंद आये तो मुझे फॉलो करें। आप मुझे मेरे फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पेज sanchita writes पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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