कोठेवाली
आओ हुज़ूर तुमको सितारों में ले चलू....हा हा हा....ए लड़की तेरा नाम क्या है मेरे ग्राहक ने मुस्कुराते हुए पूछा। क्यों साब शादी मनाएगा क्या मुझसे नाम जान कर क्या करेगा जो करना है कर और चलता बन। अरे फिर भी बता तो उसने दोबारा पूछा। सकीना मैंने उत्तर दिया । ओहो गदर की सकीना चल आजा कहते हुए वो मेरे ऊपर लेट गया। ये नाम मेरे मां बाप ने नहीं दिया मुझे तो पता भी नहीं मेरे मां बाप कौन है। जबसे होश संभाला बेगम अम्मी को ही देख रही हूं। उनको गदर फिल्म वही सनी देओल वाली बहुत पसंद है उसमें हीरोइन का नाम सकीना था ना तो बस उन्होंने मेरा नाम भी सकीना रख दिया। बचपन में जब में बेगम अम्मी के कोठे पर औरतों को तैयार खड़ी देखती तो मेरा भी मन करता खूब सजू धजू उनकी तरह। मुझे इतना पता था ये तैयार होती है तो इनको पैसे मिलते हैं। मुझे लगता था ये काम कितना अच्छा है । फिर जब एक दिन मुझे भी इस काम में लगा दिया तब समझ आया कि मेहनत की कमाई है खाली सजने संवरने की नहीं। तुम लोगो को क्या लगता है कोठेवाली की ज़िन्दगी मजे की होती है। रोज़ रोज़ नए नए नमूनों को झेलो। तरह तरह के किरदारों के साथ अलग अलग किरदार निभाओ। कोई म...